दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश मामला: ताहिर हुसैन मेडिकल ग्राउंड मांगी जमानत
आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश के मामले में अंतरिम ज़मानत के लिए दिल्ली कोर्ट में अर्ज़ी दी।
कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशन जज समीर बाजपेयी ने इस अर्ज़ी पर नोटिस जारी किया और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा।
हुसैन ने अपनी बीमारी, खास तौर पर हर्निया के आधार पर अंतरिम ज़मानत के लिए यह अर्ज़ी दायर की।
कोर्ट ने आदेश दिया,
"अर्ज़ी का नोटिस, उसकी एक कॉपी के साथ संबंधित जेल अधीक्षक को भेजा जाए, ताकि वे आरोपी की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में रिपोर्ट दे सकें। अर्ज़ी का नोटिस अभियोजन पक्ष को भी जारी किया जाए।"
इस मामले की सुनवाई अब कल (गुरुवार) दोपहर 2:15 बजे होगी।
हाल ही में जज ने इस मामले में हुसैन द्वारा दायर नियमित ज़मानत की अर्ज़ी खारिज की थी। उन्होंने कहा था कि 2024 में भी उन्हें यह राहत नहीं दी गई, जब यह पाया गया था कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया (Prima-Facie) सच थे।
जज ने कहा था कि हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में पांच सह-आरोपियों - मोहम्मद सलीम खान, गुलफिशा फातिमा, शादाब अहमद, शिफा-उर-रहमान और मीरान हैदर - को ज़मानत दे दी है, लेकिन उमर खालिद और शरजील इमाम को यह राहत नहीं दी गई, क्योंकि उन्हें मुख्य साज़िशकर्ता माना गया।
ये आरोपी 2019-2020 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) विरोधी प्रदर्शनों को आयोजित करने में सबसे आगे रहने वाले स्टूडेंट एक्टिविस्ट थे। उन पर गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत आरोप लगे हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने फरवरी, 2020 के आखिरी हफ्ते में राष्ट्रीय राजधानी में हुए सांप्रदायिक दंगों के पीछे की "बड़ी साज़िश" रची थी।
इस मामले में आरोपी हैं: ताहिर हुसैन, उमर खालिद, खालिद सैफी, इशरत जहां, मीरान हैदर, गुलफिशा फातिमा, शिफा-उर-रहमान, आसिफ इकबाल तन्हा (जिन्हें 2021 में ज़मानत मिल गई थी), शादाब अहमद, तसलीम अहमद, सलीम मलिक, मोहम्मद। सलीम खान, अतहर खान, सफूरा जरगर (गिरफ्तार होने पर वह गर्भवती थी, इसलिए मानवीय आधार पर जमानत दी गई), शरजील इमाम, फैजान खान, देवांगना कलिता (जमानत दी गई) और नताशा नरवाल (जमानत दी गई)।