सुप्रीम कोर्ट में हिजाब प्रतिबंध मामले में सोमवार को सुनवाई होगी

Update: 2022-08-28 09:58 GMT

सुप्रीम कोर्ट में कर्नाटक में शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पहनने पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सोमवार (29 अगस्त) को सूचीबद्ध किया गया है।

हिजाब प्रतिबंध को बरकरार रखने वाले कर्नाटक हाईकोर्ट के 15 मार्च के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को पिछले सीजेआई एनवी रमना के कार्यकाल के दौरान सूचीबद्ध नहीं किया गया था, हालांकि विभिन्न वकीलों द्वारा याचिकाओं की तत्काल पोस्टिंग की मांग की गई थी।

जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ हिजाब प्रतिबंध को चुनौती देने वाली 23 याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई करेगी। कुछ मुस्लिम छात्राओं के लिए हिजाब पहनने के अधिकार की मांग करते हुए सीधे सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दायर रिट याचिकाएं दायर की हैं।

2 अगस्त को सीनियर एडवोकेट मीनाक्षी अरोड़ा ने तत्कालीन सीजेआई एनवी रमना के समक्ष मामले का उल्लेख किया था, जिन्होंने तब जल्द ही एक पीठ गठित करने का आश्वासन दिया था।

13 जुलाई को एडवोकेट प्रशांत भूषण ने मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने का उल्लेख करते हुए कहा था कि मार्च से याचिकाओं को सूचीबद्ध नहीं किया गया है और स्टूडेंट को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सीजेआई तब मामले को अगले सप्ताह सूचीबद्ध करने के लिए सहमत हुए थे।

ये याचिकाएं कर्नाटक हाईकोर्ट द्वारा पारित 15 मार्च के फैसले के खिलाफ दायर की गई हैं, जिसमें सरकारी आदेश दिनांक 05.02.2022 को बरकरार रखा गया है, जिसने याचिकाकर्ताओं और ऐसी अन्य महिला मुस्लिम छात्रों को अपने प्री यूनिवर्सिटी कॉलेजों में हेडस्कार्फ़ पहनने से प्रतिबंधित कर दिया।

चीफ जस्टिस रितु राज अवस्थी, जस्टिस कृष्णा दीक्षित और जस्टिस जेएम खाजी की पूर्ण पीठ ने कहा था कि महिलाओं द्वारा हिजाब पहनना इस्लाम की अनिवार्य धार्मिक प्रथा नहीं है। पीठ ने आगे कहा था कि शैक्षणिक संस्थानों में ड्रेस कोड का प्रावधान याचिकाकर्ताओं के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं है।

केस: फातिमा बुशरा बनाम कर्नाटक राज्य WP(c) 95/2022 और अन्य संबंधित मामले

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