नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) ने 2026 में स्नातक होने वाले छात्रों के लिए निर्धारित अपना 34वां वार्षिक दीक्षांत समारोह रद्द किया। यूनिवर्सिटी ने 12 सितंबर को होने वाले समारोह को रद्द करने के पीछे अपरिहार्य परिस्थितियों का हवाला दिया।

यूनिवर्सिटी की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार अब ग्रेजुएट छात्रों को उनकी डिग्री समारोह में उपस्थित हुए बिना यानी अनुपस्थिति में प्रदान की जाएगी। छात्रों को उनके प्रमाणपत्र डाक के जरिए भेजे जाएंगे। इसके अलावा वे चाहें तो यूनिवर्सिटी परिसर से भी अपने प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकेंगे।

यूनिवर्सिटी के कुलसचिव की ओर से जारी सूचना में कहा गया कि सभी संबंधित पक्षों के सामूहिक प्रयासों के बावजूद अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण 34वां वार्षिक दीक्षांत समारोह आयोजित करना संभव नहीं हो पाया।

अधिसूचना के मुताबिक 3 अगस्त 2026 को शैक्षणिक प्रशासन की टीम ने स्नातक छात्रों को ईमेल के जरिए 12 सितंबर 2026 को वार्षिक दीक्षांत समारोह की प्रस्तावित तारीख के रूप में पहले ही सूचित किया था। हालांकि बाद में उत्पन्न परिस्थितियों के कारण समारोह आयोजित नहीं किया जा सका।

यूनिवर्सिटी ने बताया कि शासी निकायों से आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद डिग्री प्रदान करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई। छात्रों को एक नया प्रपत्र और प्रक्रिया उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके जरिए वे अपनी पसंद का विकल्प चुन सकेंगे।

NLSIU का यह फैसला ऐसे समय आया है जब 2026 बैच के छात्रों और 120 से अधिक पूर्व छात्रों ने हाल ही में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) की ओर से हैदराबाद स्थित NALSAR के छात्रों के खिलाफ शुरू की गई और बाद में वापस ली गई कार्रवाई को लेकर कड़ी आपत्ति जताई थी।

15 अगस्त को जारी एक पत्र में NLSIU के छात्रों और पूर्व छात्रों ने BCI की कार्रवाई की निंदा करते हुए NALSAR के छात्रों और शिक्षकों से बिना शर्त माफी की मांग की। उनका कहना था कि किसी सार्वजनिक विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों के खिलाफ ऐसी कार्यवाही शुरू किया जाना ही गंभीर चिंता का विषय है।

इसी पत्र में छात्रों ने NALSAR के दीक्षांत समारोह में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत को मुख्य अतिथि बनाए जाने पर पुनर्विचार करने की मांग की थी। साथ ही उन्होंने NLSIU के आगामी दीक्षांत समारोह में चीफ जस्टिस सूर्य कांत की प्रस्तावित उपस्थिति पर भी अपनी असहमति दर्ज कराई।

छात्रों ने BCI के अध्यक्ष और सीनियर एडवोकेट मनन कुमार मिश्रा की NLSIU के दीक्षांत समारोह में प्रस्तावित उपस्थिति को लेकर भी आपत्ति जताई।

हालांकि NLSIU की ओर से दीक्षांत समारोह रद्द करने के लिए जारी अधिसूचना में छात्रों की इन आपत्तियों या NALSAR से जुड़े घटनाक्रम का कोई उल्लेख नहीं किया गया। विश्वविद्यालय ने समारोह रद्द करने के लिए केवल अपरिहार्य परिस्थितियों को कारण बताया।

गौरतलब है कि छात्रों और पूर्व छात्रों की ओर से पत्र जारी किए जाने के समय BCI ने NALSAR से संबंधित सभी कार्यवाही बंद कर दी थी। इसके बावजूद NLSIU के छात्रों ने अपने पत्र में कहा था कि किसी वैधानिक संस्था द्वारा सार्वजनिक यूनिवर्सिटी के छात्रों और शिक्षकों के खिलाफ ऐसी कार्यवाही शुरू किया जाना अपने आप में गंभीर सवाल खड़े करता है।

फिलहाल यूनिवर्सिटी ने छात्रों को डिग्री प्रदान करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का फैसला किया और 12 सितंबर को प्रस्तावित 34वां वार्षिक दीक्षांत समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा।

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