म्यांमार ड्रोन ट्रेनिंग केस: दिल्ली कोर्ट ने 6 यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक को विदेश जाने की इजाज़त दी
दिल्ली कोर्ट ने UAPA मामले में गिरफ्तार सात विदेशी नागरिकों (यूक्रेन और अमेरिका के) को उनके देश लौटने की इजाज़त दी। NIA इस मामले की जांच कर रही है। अदालत ने कहा कि विदेश यात्रा का अधिकार मौलिक अधिकारों का ही एक हिस्सा है।
NIA के स्पेशल जज प्रशांत शर्मा ने बताया कि अदालत ने पहले ही छह यूक्रेनी नागरिकों को इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 की धारा 21 और 23 के तहत आरोपों से बरी कर दिया, और अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैन डाइक को क्रमशः 18 और 25 सितंबर को बरी किया गया।
NIA ने उन्हें म्यांमार में जातीय सशस्त्र समूहों से जुड़े ड्रोन-युद्ध प्रशिक्षण शिविर से संबंधित एक मामले में गिरफ्तार किया।
इस महीने की शुरुआत में डिफ़ॉल्ट ज़मानत मिलने के बाद उन्हें अपने देश लौटने की इजाज़त दी गई। अब, उन्हें कुछ शर्तों के साथ देश छोड़ने की अनुमति दी गई।
NIA ने शुरू में 8 सितंबर को अपनी पहली चार्जशीट बिना UAPA (गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम) के प्रावधानों को लागू किए दायर की थी, हालांकि एजेंसी ने कहा था कि कथित आतंकी फंडिंग अपराधों की जांच जारी है।
एजेंसी ने कथित UAPA अपराधों की जांच के लिए 180 दिनों का समय और मांगा और उसे यह समय मिल गया।
आरोपियों पर म्यांमार स्थित जातीय सशस्त्र समूहों के लिए ड्रोन युद्ध, ड्रोन संचालन, असेंबली और जैमिंग तकनीक से संबंधित प्रशिक्षण में शामिल होने का आरोप है।