इज़राइली महिला से सामूहिक दुष्कर्म और पुरुष पर्यटक की हत्या के मामले में तीन दोषियों को मिली मौत की सज़ा

Update: 2026-02-17 10:05 GMT

कर्नाटक कोर्ट ने सोमवार (16 फरवरी) को पिछले वर्ष इज़राइली महिला सहित दो महिलाओं के साथ सामूहिक दुष्कर्म और ओडिशा के एक पुरुष पर्यटक की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए तीन व्यक्तियों को मौत की सज़ा सुनाई।

तीनों दोषी मल्लेश, साई और शरणप्पा को 6 फरवरी को दोषी ठहराया गया। कोप्पल में स्थित प्रिंसिपल एडिशन जिला एवं सेशन जज की अदालत (गंगावती में बैठक) के आदेश में कहा गया:

“भारतीय न्याय संहिता (BNS) धारा 103(1) (जो भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 302 के समकक्ष है) के तहत हत्या के अपराध तथा BNS 2023 की धारा 3(5) (IPC की धारा 34 के समकक्ष है) के साथ पढ़े जाने पर बिभास कुमार नायक की हत्या करने के लिए दोषी आरोपी क्रमांक 1 मल्लेश उर्फ हांडी मल्ला उर्फ मल्लैया पुत्र अय्यप्पा उर्फ दासप्पा चन्नदासर आरोपी क्रमांक 2 साई उर्फ चैतन्य साई उर्फ साईकुमार पुत्र कामेश्वरा सिलिक्यातर तथा आरोपी क्रमांक 3 शरणप्पा उर्फ शरणबसवराज @ शरणा पुत्र बलप्पा नायक हसिकटगी को मृत्यु दंड दिया जाता है। मृत्यु दंड को BNSS की धारा 393(5) (जो दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 354(5) के समकक्ष है) के अनुसार फांसी द्वारा गले में रस्सी डालकर तब तक लटकाकर निष्पादित किया जाएगा, जब तक उनकी मृत्यु न हो जाए। यह सज़ा BNSS की धारा 407 (CrPC की धारा 366 के समकक्ष है) के तहत कर्नाटक हाईकोर्ट की पुष्टि के अधीन होगी।”

अदालत ने सामूहिक दुष्कर्म के अपराध में BNS की धारा 70(1) (IPC की धारा 376D के समकक्ष) तथा BNS की धारा 3(5) के तहत दोषियों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई।

हत्या के प्रयास के अपराध में BNS की धारा 109(1) (IPC की धारा 307 के समकक्ष है) तथा BNS की धारा 3(5) 2023 के तहत दोषियों को आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को 30,000 रुपये का जुर्माना भरने की सज़ा दी गई। जुर्माना न देने की स्थिति में उन्हें 3 वर्ष का कठोर कारावास अतिरिक्त भुगतना होगा।

दोषियों को BNS की धारा 64(2)(l) (जिसमें बलात्कार करते समय गंभीर शारीरिक क्षति पहुंचाना अंग-भंग करना, विकृत करना या महिला के जीवन को खतरे में डालना शामिल है) के तहत भी आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई, जिसका अर्थ है कि आरोपी क्रमांक 1 से 3 को अपने प्राकृतिक जीवन के शेष काल तक कारावास में रहना होगा।

अदालत ने कहा कि सभी सजाएं एक साथ (समवर्ती रूप से) चलेंगी, सिवाय डिफॉल्ट सज़ा के।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह घटना पिछले वर्ष सनापुर में तुंगभद्रा लेफ्ट बैंक नहर के पास हुई। रिपोर्ट के अनुसार, दो जीवित बची महिलाएं और ओडिशा के पर्यटक सहित तीन अन्य पर्यटक सनापुर झील के पास तारों को देखने (स्टारगेजिंग) गए थे तभी दोषियों ने उन पर हमला किया।

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