"सरकार कोर्ट के आदेशों के प्रति उदासीन रवैया नहीं दिखा सकती": दिल्ली हाईकोर्ट ने संस्कृति मंत्रालय के सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कहा

Update: 2021-10-20 11:49 GMT

दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में उनके आदेशों का लगातार पालन न किए जाने से नाराजगी व्यक्त की। कोर्ट ने सरकारी अधिकारियों के खिलाफ 'गंभीर आरोप' लगाने वाले एक मामले में संस्कृति मंत्रालय के सचिव की व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए। 

न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा,

"न्यायालय इस बात से अवगत है कि वरिष्ठ अधिकारियों को न्यायालय में समन करना उचित नहीं है, लेकिन साथ ही सरकार न्यायालय के आदेशों के प्रति उदासीन रवैया नहीं दिखा सकती है और इस न्यायालय के आदेशों की अवज्ञा नहीं कर सकती है।"

एक याचिका में सीबीआई और अन्य अधिकारियों को एक अधिकारी द्वारा उचित और निष्पक्ष जांच करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी, जो कि पुलिस अधीक्षक के पद से नीचे के अधिकारी का न हो। याचिका में कहा गया है कि कथित तौर पर आरोपी व्यक्तियों और अन्य अधिकारियों के बीच सांठगांठ के भ्रष्टाचार के आरोप को उजागर करने के मामले में उचित और निष्पक्ष जांच करने की आवश्यकता है।

केंद्र को अप्रैल में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का समय दिया गया था, उसके बाद गैर-अनुपालन के कारण मामले को जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया गया था।

जुलाई में सरकारी वकील ने प्रस्तुत किया कि संस्कृति मंत्रालय इस मामले में संबंधित विभाग है न कि गृह मंत्रालय। इस प्रकार स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए और समय देते हुए मामले को सितंबर तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

कोर्ट ने 6 सितंबर, 2021 को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल न करने पर नाराजगी व्यक्त की और संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त सचिव के पद से नीचे के एक अधिकारी को यह बताने के लिए कार्यवाही में शामिल होने का निर्देश दिया गया कि अब तक स्टेटस रिपोर्ट क्यों नहीं दाखिल की गई।

यह देखते हुए कि संस्कृति मंत्रालय से कोई भी कार्यवाही में शामिल नहीं हुआ, न्यायालय ने इस प्रकार निर्देश दिया,

"इस तथ्य के मद्देनजर कि इस न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है और याचिका में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल नहीं की जा रही है जहां सरकारी विभाग के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सचिव, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार को निर्देश दिया जाता है कि सुनवाई की अगली तारीख पर यह बताने के लिए कार्यवाही में शामिल हों कि अब तक स्टेटस रिपोर्ट क्यों नहीं दाखिल की गई है।"

अब इस मामले की सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी।

केस का टाइटल: हरवीर सिंह बनाम सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन एंड अन्य

आदेश की कॉपी यहां पढ़ें:



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