इंजीनियर राशिद को बड़ी राहत: पिता की 40वीं की रस्म में शामिल होने के लिए हाईकोर्ट ने दी अंतरिम जमानत

Update: 2026-05-26 12:08 GMT

दिल्ली हाइकोर्ट ने आतंकी फंडिंग मामले में जेल में बंद बारामूला सांसद अब्दुल राशिद शेख उर्फ इंजीनियर राशिद को बड़ी राहत देते हुए अंतरिम जमानत दी।

अदालत ने उन्हें अपने दिवंगत पिता की 40वीं की रस्म और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए कश्मीर जाने की अनुमति दी।

जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मधु जैन की खंडपीठ ने आदेश दिया कि इंजीनियर राशिद मौजूदा अंतरिम जमानत अवधि समाप्त होने के बाद आत्मसमर्पण करेंगे। इसके बाद उन्हें 25 जून से 30 जून तक दोबारा अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाएगा, ताकि वह अपने पिता की 40वीं की रस्म में शामिल हो सकें।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जेल अधीक्षक की संतुष्टि के अनुसार पहले ही निजी मुचलका और जमानत शर्तें पूरी की जा चुकी हैं तो दोबारा उन्हें भरने की आवश्यकता नहीं होगी। बाकी सभी शर्तें पहले के आदेश के अनुसार ही लागू रहेंगी।

सुनवाई के दौरान अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी के वकील से मौखिक रूप से कहा,

“ऐसे उचित मामलों में आपको अनुमति देनी चाहिए। देखिए, इसमें कितना न्यायिक समय खर्च हो गया।”

इंजीनियर राशिद इस समय 2 जून तक अंतरिम जमानत पर हैं ताकि वह अपने पिता के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल हो सकें।

बारामूला से लोकसभा सांसद इंजीनियर राशिद को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने वर्ष 2019 में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत कथित आतंकी फंडिंग मामले में गिरफ्तार किया था। तब से वह तिहाड़ जेल में बंद हैं।

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बारामूला सीट से जीत दर्ज की थी।

इसी वर्ष जनवरी में दिल्ली हाईकोर्ट ने UAPA मामले में आरोप तय करने के आदेश को चुनौती देने वाली उनकी अपील भी खारिज कर दी थी। अदालत ने कहा था कि आरोप तय करने का आदेश अंतरिम प्रकृति का होता है और उसके खिलाफ अपील सुनवाई योग्य नहीं है।

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