दिल्ली सरकार ने रेजिडेंट एडवोकेट्स को जीवन बीमा और चिकित्सा बीमा उपलब्ध कराने के लिए 40 करोड़ से अधिक का बजट मंजूर किया है। यह घोषणा दिल्ली के कानून मंत्री ने शुक्रवार को की।

यह बीमा सुविधा मुख्यमंत्री अधिवक्ता कल्याण योजना के तहत उपलब्ध कराई जाएगी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पिछले वर्ष इस योजना के बारे में घोषणा की थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में इस पॉलिसी को मंजूरी दी थी।

इस योजना के तहत, 29,077 पात्र वकीलों को जो सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, वे इस प्रकार है:

ए) प्रैक्टिस कर रहे वकीलों को ग्रुप (टर्म) बीमा उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके तहत प्रति वकील 10,00,000/- (दस लाख रुपए) का लाइफ कवर प्रदान किया जाएगा।

बी) वकीलों, उनके पति / पत्नी और 25 वर्ष की उम्र तक के दो आश्रित बच्चों के लिए ग्रुप मेडी क्लेम कवरेज के तहत 5,00,000/- (पांच लाख रुपए) का फैमिली फ्लोटर बीमा।

दिल्ली सरकार ने दिसंबर 2019 में वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश कुमार खन्ना की अध्यक्षता में इस तरह की एक योजना के प्रस्ताव के लिए 13 सदस्यीय समिति गठित की थी, जिसके तहत दिल्ली सरकार की ओर से प्रतिवर्ष आवंटित 50 करोड़ रुपए के बजट का इस्तेमाल वकीलों के कल्याण के लिए किया जा सके।

समिति का प्रथम दृष्टया मानना यह था कि भारतीय जीवन बीमा निगम की ओर से प्रस्तावित दर कॉम्पटीटिव प्रतीत होती है और इसे सरकार द्वारा स्वीकार किया जा सकता है। दिल्ली सरकार का कानून मंत्रालय संबंधित योजना पर अमल के लिए नोडल एजेंसी होगा और यदि उसे लगता है तो वह प्रीमियम को लेकर आगे भी नेगोशियेशन कर सकता है।


उपरोक्त मंजूर पॉलिसी के तहत शीर्ष निजी बीमा कंपनियां, न्यू इंडिया इंश्योरेंस और ओरिएंटल इंश्योरेंस, वकीलों को मेडिकल कवरेज उपलब्ध कराएगी। इन पॉलिसियों के प्रीमियम का भुगतान दिल्ली सरकार द्वारा किया जाएगा।

इसके अलावा, भारतीय जीवन बीमा निगम कोर्ट द्वारा मंजूर दरों पर लाभुक वकीलों को जीवन बीमा का लाभ उपलब्ध कराएगा।

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