पश्चिम बंगाल SIR: सत्यापन हेतु माध्यमिक एडमिट कार्ड कक्षा 10 पास प्रमाणपत्र के साथ प्रस्तुत किया जाए — सुप्रीम कोर्ट

Update: 2026-02-25 08:47 GMT

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल राज्य बोर्ड द्वारा जारी माध्यमिक (कक्षा 10) का एडमिट कार्ड, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान आयु एवं अभिभावकत्व के सत्यापन के लिए माध्यमिक उत्तीर्ण प्रमाणपत्र (पास सर्टिफिकेट) के साथ प्रस्तुत किया जा सकता है।

न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि 24 फरवरी के आदेश के पैरा 3(iii) में उल्लिखित वे दस्तावेज़, जो अब तक अपलोड नहीं किए गए हैं लेकिन 14 फरवरी तक प्राप्त हो चुके थे, उन्हें संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारी (ERO)/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारी (AERO) द्वारा कल शाम 5 बजे तक संबंधित पीठासीन न्यायिक अधिकारियों को सौंप दिया जाए।

न्यायालय ने कहा, “24 फरवरी के आदेश के पैरा 3(iii)(c) को आगे स्पष्ट किया जाता है कि माध्यमिक (कक्षा 10) का एडमिट कार्ड, उम्मीदवार के माता-पिता की जन्मतिथि और अभिभावक संबंधी विवरण के सत्यापन हेतु माध्यमिक पास प्रमाणपत्र के साथ प्रस्तुत किया जा सकता है।”

चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की खंडपीठ ने यह स्पष्टीकरण सीनियर एडवोकेट दामा शेषाद्रि नायडू (भारत निर्वाचन आयोग की ओर से) के उल्लेख पर पारित किया।

नायडू ने मंगलवार के आदेश के संबंध में कुछ स्पष्टीकरण मांगे थे, जिसमें SIR प्रक्रिया में दावों और आपत्तियों के निपटारे के लिए न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की गई थी। उन्होंने यह स्पष्ट करने का अनुरोध किया कि कट-ऑफ तिथि से पहले प्राप्त लेकिन अनजाने में अपलोड न हो पाए दस्तावेज़ ERO/AERO न्यायिक अधिकारियों को सौंप सकते हैं।

उन्होंने माध्यमिक कार्ड के उपयोग को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा। नायडू का कहना था कि इसे केवल आयु निर्धारण के लिए स्वीकार किया जाए। इस पर न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि माध्यमिक एडमिट कार्ड में पिता का नाम भी होता है। उन्होंने कहा, “मैं व्यक्तिगत रूप से आश्वस्त कर सकता हूं कि बंगाल के न्यायाधीश माध्यमिक कार्ड के डेटा से परिचित हैं, क्योंकि बिहार के विपरीत, पश्चिम बंगाल के माध्यमिक कार्ड में जन्मतिथि और अभिभावक संबंधी विवरण भी होते हैं।”

नायडू ने आग्रह किया कि एडमिट कार्ड को स्वतंत्र दस्तावेज़ के रूप में नहीं बल्कि अन्य दस्तावेज़ों के पूरक के रूप में स्वीकार किया जाए। न्यायमूर्ति बागची ने स्पष्ट किया कि एडमिट कार्ड पास प्रमाणपत्र के अतिरिक्त उपयोग किया जाएगा, क्योंकि पास प्रमाणपत्र में जन्मतिथि या पिता का नाम नहीं होता।

खंडपीठ ने कहा कि वह इस संबंध में स्पष्टीकरण जारी करेगी और तदनुसार आदेश पारित किया गया।

24 फरवरी के आदेश के पैरा 3(iii) में उल्लिखित दस्तावेज़ निम्न आदेशों/अधिसूचनाओं में संदर्भित थे:

(क) निर्वाचन आयोग द्वारा 27.10.2025 को जारी अधिसूचना, जिसके माध्यम से पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू करने की घोषणा की गई थी, जिसे 24.06.2025 की अधिसूचना के साथ पढ़ा जाएगा;

(ख) इस न्यायालय द्वारा 08.09.2025 को W.P.(C) संख्या 640/2025 में पारित आदेश तथा समय-समय पर दिए गए अन्य आदेश, जिनके तहत आधार कार्ड को पर्याप्त सत्यापन के अधीन पहचान के प्रमाण के रूप में स्वीकार करने की अनुमति दी गई;

(ग) 19.01.2026 के आदेश, जिसके तहत माध्यमिक (कक्षा 10) एडमिट कार्ड और माध्यमिक पास प्रमाणपत्र को भी प्रस्तुत करने की अनुमति दी गई थी।

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