सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारी अमन शर्मा की 'संदिग्ध मौत' पर स्वतः संज्ञान लिया, जांच एजेंसी से स्टेटस रिपोर्ट मांगी
सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारी अमन शर्मा की 'संदिग्ध मौत' के मामले में स्वतः संज्ञान लिया। मई में दक्षिण दिल्ली स्थित उनके आवास पर उनकी मौत हुई थी, जिसे आत्महत्या माना जा रहा है। आरोप है कि उन्हें उनकी पत्नी (जो खुद एक न्यायिक अधिकारी हैं) और ससुराल वालों द्वारा परेशान किया जा रहा था।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने इस मामले में नोटिस जारी किया और जांच एजेंसी से स्टेटस रिपोर्ट तलब की।
बता दें, मृतक ने 2018 में अपनी पढ़ाई पूरी की थी और 2021 में दिल्ली न्यायिक सेवा में शामिल हुए। वह अक्टूबर 2025 से कड़कड़डूमा कोर्ट में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के सचिव के रूप में कार्यरत थे। 2 मई को वह अपने आवास पर मृत पाए गए। उनकी मौत के बाद उनके परिवार ने आरोप लगाया कि वह अपनी पत्नी और ससुराल वालों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न के कारण लगभग 2 महीने से भारी दबाव में थे।
मृतक के पिता की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने उनकी पत्नी (जो न्यायिक अधिकारी हैं) के खिलाफ BNS की धारा 61 (आपराधिक साजिश) और 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत FIR दर्ज की। खबरों के अनुसार, अब इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई।
Case Title : IN RE: THE SUSPICIOUS DEATH OF JUDICIAL OFFICER (EX-JUDGE) AMAN SHARMA Versus