शिवसेना (UBT) के 6 सांसदों के शिंदे गुट में विलय को चुनौती, सुप्रीम कोर्ट पहुंची उद्धव ठाकरे की पार्टी
उद्धव बालासाहेब ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) ने लोकसभा अध्यक्ष द्वारा उसके छह सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना में विलय को मंजूरी दिए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
मंगलवार को सीनियर एडवोकेट देवदत्त कामत ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए शीघ्र सुनवाई की मांग की।
सुनवाई के दौरान जब अदालत ने तत्काल सुनवाई की आवश्यकता पूछी तो कामत ने कहा कि इस फैसले से संसद में उनकी राजनीतिक पार्टी का कामकाज लगभग ठप हो गया।
उन्होंने कहा कि उनके सांसद अब उनके साथ नहीं हैं और लोकसभा अध्यक्ष ने उनके दूसरे दल में विलय को मान्यता दे दी है। उन्होंने अदालत से मौजूदा संसद सत्र को देखते हुए मामले पर जल्द सुनवाई का आग्रह किया।
इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा,
"हम यह आश्वासन नहीं दे सकते कि मामला कल या शुक्रवार को सूचीबद्ध होगा। देखेंगे।"
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार संसद के मानसून सत्र से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शिवसेना (UBT) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को मंजूरी दी थी।
जिन सांसदों के विलय को मंजूरी मिली, उनमें संजय देशमुख (यवतमाल), संजय जाधव (परभणी), संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर-पूर्व), नागेश पाटिल-अष्टीकर (हिंगोली), ओमप्रकाश राजेनिंबालकर (धाराशिव) और भाऊसाहेब वाकचौरे (शिर्डी) शामिल हैं।
इस घटनाक्रम के बाद लोकसभा में शिवसेना (UBT) के सांसदों की संख्या घटकर तीन रह गई।