कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च पर पुलिस बल प्रयोग के आरोपों वाली जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई स हाईकोर्ट का इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस द्वारा कथित अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों से जुड़ी जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार किया।
चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया गया।
तत्काल सुनवाई की मांग पर पीठ ने मौखिक रूप से कहा,
"इन सब मामलों में अदालत को मत घसीटिए। मामला कल सूचीबद्ध होगा।"
याचिका में आरोप लगाया गया कि संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आवश्यकता से अधिक बल का प्रयोग किया।
उधर, दिल्ली पुलिस ने बताया कि संसद मार्च के दौरान हुई कथित हिंसा, पथराव और तोड़फोड़ के संबंध में अब तक पांच FIR दर्ज की जा चुकी हैं।
पुलिस के अनुसार कनॉट प्लेस, संसद मार्ग सहित विभिन्न थानों में मामले दर्ज किए गए और घटनास्थलों के वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।
गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी' एक व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया अभियान के रूप में सामने आई थी। इसकी शुरुआत सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस की मौखिक टिप्पणी के बाद हुई, जिसमें उन्होंने ऑनलाइन सक्रियता की आड़ में व्यवस्था पर हमला करने वाले बेरोजगार युवाओं की तुलना 'कॉकरोच' से की थी।
बाद में चीफ जस्टिस ने स्पष्ट किया था कि उनकी टिप्पणी फर्जी डिग्री रखने वाले व्यक्तियों के संदर्भ में थी। इसके कुछ समय बाद 'कॉकरोच जनता पार्टी' से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स को निलंबित कर दिया गया।