रूपाली गांगुली की तस्वीरों और अश्लील डीपफेक सामग्री को इंटरनेट से हटाने का आदेश, बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिया निर्देश
बॉम्बे हाईकोर्ट ने टीवी एक्ट्रेस रूपाली गांगुली के व्यक्तित्व अधिकारों से जुड़े मामले में इंटरनेट पर उपलब्ध उनके खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री हटाने का अंतरिम आदेश दिया। कोर्ट ने संबंधित पक्षों को निर्देश दिया कि वे एक्ट्रेस से जुड़ी आपत्तिजनक तस्वीरें, वीडियो और अन्य सामग्री इंटरनेट से हटाएं। हालांकि, एक कंपनी हट्स एंड लूम्स प्राइवेट लिमिटेड को इस आदेश से अलग रखा गया। कंपनी ने दावा किया कि वह केवल उन्हीं तस्वीरों का इस्तेमाल कर रही है, जिन्हें रूपाली गांगुली ने स्वयं अपनी स्टाइलिस्ट के माध्यम से साझा किया था।
जस्टिस माधव जामदार की सिंगल बेंच ने गुरुवार, 5 नवंबर को यह अंतरिम आदेश पारित किया।
रूपाली गांगुली ने अपनी याचिका में कहा कि कई ऑनलाइन मंच बिना अनुमति के उनकी तस्वीरों और वीडियो क्लिप का व्यावसायिक इस्तेमाल कर रहे हैं। कुछ लोगों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अन्य तकनीकों की मदद से उनकी नकली तस्वीरें और वीडियो भी तैयार किए।
वकील सना रईस खान के माध्यम से दाखिल याचिका में एक्ट्रेस ने बताया कि पिछले 25 वर्षों में उन्होंने 'कहानी घर घर की', 'संजीवनी', 'साराभाई वर्सेज साराभाई' और 'अनुपमा' जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों में काम करके मनोरंजन जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्हें स्टार परिवार पुरस्कार और भारतीय टेलीविजन अकादमी पुरस्कार सहित कई सम्मान भी मिल चुके हैं।
याचिका में कहा गया कि रूपाली गांगुली हिंदी टेलीविजन पर महिलाओं के चित्रण में बदलाव लाने वाली अभिनेत्रियों में शामिल रही हैं। वह भारतीय टेलीविजन की सबसे अधिक पारिश्रमिक पाने वाली अभिनेत्रियों में से एक हैं। अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाने के कारण उन्होंने दर्शकों के बीच व्यापक पहचान बनाई।
एक्ट्रेस ने दावा किया कि उन्हें अपने नाम, हस्ताक्षर, आवाज, तस्वीर, व्यक्तित्व, हाव-भाव और अपनी पहचान से जुड़ी अन्य विशेषताओं के व्यावसायिक इस्तेमाल पर विशेष अधिकार प्राप्त है। उनकी अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति इनका इस्तेमाल, नकल या दुरुपयोग नहीं कर सकता।
याचिका में आरोप लगाया गया कि कुछ कारोबारी उनके नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल पोस्टर, टी-शर्ट, कवर और अन्य उत्पादों पर कर रहे हैं। ऐसा करके वे लोगों के बीच यह झूठा संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि एक्ट्रेस का उनके उत्पादों या कारोबार से कोई संबंध है। इससे वे अनुचित तरीके से अपना मुनाफा बढ़ा रहे हैं।
यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ कंपनियां और कलाकार प्रबंधन से जुड़े मंच उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल इस तरह कर रहे हैं, जिससे लगे कि वह उनके माध्यम से कार्यक्रमों और प्रचार गतिविधियों के लिए उपलब्ध हैं जबकि उन्होंने ऐसी कोई अनुमति नहीं दी।
याचिका में सबसे गंभीर आरोप कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार की गई अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री को लेकर लगाए गए। अभिनेत्री ने कहा कि कुछ अज्ञात लोग उनकी तस्वीरों को बदलने वाली तकनीकों का इस्तेमाल करके उनका चेहरा दूसरे लोगों के शरीर पर लगा रहे हैं। इस तरह अश्लील वीडियो और तस्वीरें तैयार कर इंटरनेट पर प्रसारित की जा रही हैं।
याचिका के अनुसार ऐसी सामग्री उनकी सहमति के बिना तैयार की गई और इससे उनकी गरिमा, निजता तथा मर्यादा का उल्लंघन हो रहा है। कुछ सामग्री का इस्तेमाल अश्लील वेबसाइटों पर भी किया जा रहा है।
एक्ट्रेस ने अदालत से अनुरोध किया था कि संबंधित कंपनियों और अज्ञात व्यक्तियों को उनकी पहचान से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री तत्काल हटाने का निर्देश दिया जाए।
हाईकोर्ट ने अंतरिम स्तर पर उनकी मांग पर कार्रवाई करते हुए आपत्तिजनक ऑनलाइन सामग्री हटाने का आदेश दिया। हालांकि, हट्स एंड लूम्स प्राइवेट लिमिटेड को उसके द्वारा तस्वीरों के इस्तेमाल के संबंध में दिए गए स्पष्टीकरण के आधार पर फिलहाल इस निर्देश से अलग रखा गया।