पुस्तक समीक्षाःगाइड टू इंसाल्वेंसी प्रोफेशनल एग्जामिनेशन्स

Update: 2017-06-17 09:54 GMT

मुम्बई के एक वकील प्रणव खटवकर द्वारा लिखी पुस्तक ’गाइड टू इंसाल्वेन्सी प्रोफेशनल एग्जामिनेशन्स’ की प्रति पढ़कर मुझे काफी प्रसन्नता महसूस हुई।

इंसाल्वेन्सी एंड बैंक्रप्सी कोड 2016(कोड) से संबंधित प्रणव की यह दूसरी पुस्तक है।

पहली पुस्तक का टाईटल था- कमेंट्री आॅन द इंसाल्वेन्सी एंड बैंक्रप्सी कोड 2016(जिसमें इंसाल्वेन्सी एंड बैंक्रप्सी के लाॅ की व्याख्या की गई थी),जिसे बेहतर तरीके से स्वीकारा गया था,जो इस समीक्षा से स्पष्ट होता है।

बतौर इंसाल्वेंसी प्रोफेशनल मेरी पहली टिप्पणी इस किताब के बारे में यही है कि यह एक प्रैक्टिकल,यूजर फ्रेंडली व विस्तृत है। इस किताब की मूल सरंचना में यही बताया गया है कि किसी लिमिटेड इंसाल्वेन्सी एग्जामिनेशन(एलआईई) में बैठने के इच्छुक उम्मीदवार को क्या जरूरत है। इस तरह के उम्मीदवारों को मल्टीपल च्वाइस क्वेश्चन(एमसीक्यू) की प्रैक्टिस करने की जरूरत होती है। इस किताब में एलआईए के स्लैब्स से संबंधित एक हजार एमसीक्यू दिए गए है।

मैंने किताब में दिए सवालों को पढ़ा और एलआईई की परीक्षा खुद पास की। इस किताब में दिए गए सवालों को परीक्षा में पूछे जाने वाले सवालों व पैटर्न को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

इस किताब में सवालों के गहन शोध से पहले इस बात को भी सुनिश्चित किया गया है कि एलआईई की परीक्षा में बैठने के इच्छुक उम्मीदवार को वह सारी सूचनाएं दे दी जाए जो इस परीक्षा के बारे में जानने के लिए जरूरी हैै। मैं अपने इस बयान को किताब की दो अनूठी विशेषताओं के आधार पर स्पोर्ट कर रहा हूं,जो इस प्रकार है-इंसाल्वेन्सी एंड बैंक्रप्सी बोर्ड आॅफ इंडिया द्वारा एलआईई के संबंध में जारी सभी दिशा-निर्देश। बोर्ड द्वारा एलआईई की परीक्षा के संबंध में जारी माॅडल पेपर को शामिल करना।

इस किताब में कुछ अतिरिक्त विशेषताएं भी है,जो एलआईई की परीक्षा में बैठने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए अतिरिक्त तौर पर फायदेमंद है। एलआईई की परीक्षा में आने वाले कुछ सवाल तकनीकी होते है,जिनका समाधान करने के लिए एक उम्मीदवार को प्रावधानों को उनकी जड़ से जानना होता है। उदाहरण के तौर पर बोर्ड द्वारा जारी एलआईई के माॅडल पेपर का सवाल नंबर दो है,जो बोर्ड की वेबसाईट एचटीटीपीः//आईबीबीआई डाॅट जीओवी डाॅट इन/माॅडल डाॅट पीडीएफ पर उपलब्ध है। सवाल इस प्रकार है-

फैसला सुनाने वाली अॅथारिटी को इंसाल्वेन्सी शुरू होने की तारीख के कितने दिन के अंदर अंतरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल को नियुक्त करना होता है।
1-ए-07
2-बी-14
3-सी-21
4-डी-28

इस सवाल का सही जवाब बी है। जैसा ही पहले ही बताया है कि इस तरह के सवालों को जवाब देने के लिए एक उम्मीदवार को प्रावधानों को अच्छे से जानना पड़ता है।

उम्मीदवार को इस तरह की छोटी-छोटी जानकारी को याद करने में मदद करने के लिए इस किताब में व्यवस्थित तालिका को सम्मिलित किया गया है। जिसमें कोड के सभी कंप्लाइअन्स व आफेंस और रूल एंड रेगुलेशन का संक्षिप्त विवरण शामिल किया गया है।

इंसाल्वेन्सी प्रोफेशनल के लिए यह किताब एक गाइड की तरह है। मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि इस किताब में वह लाॅ भी शामिल है जो शुरूआत में इंसाल्वन्सी प्रोफेशनल पर लागू होता है।

हल्के तौर पर इस तरह की विशेषता के कारण परीक्षा के लिए इस पुस्तक का प्रयोग करना शुरू करने से पहले ही उम्मीदवार खुद को एक इंसाल्वन्सी प्रोफेशनल के तौर पर महसूस करने लग जाता है।

अंत में मैं यही कहना चाहूंगा कि 290 पेज वाली यह किताब सचमुच सुविधाजनक है और 450 रूपए के बहुत ही उचित मूल्य पर उपलब्ध है। मुझे विश्वास है कि प्रणव ने अपने पाठकों को एक उचित मूल्य पर काफी कुछ उपलब्ध कराया है। मेरे हिसाब से एलआईई की परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए यह किताब बहुत उपयोगी है।

डाक्टर राजेंद्रा गंनात्रा-पूर्व में वह इंडिया एसएमई असेस्ट रिकंस्ट्रैक्शन कंपनी लिमटेड के एमडी व सीईओ थे। इस समय इंसाल्वेन्सी प्रोफेशनल है। वर्ष 2001 में डाक्टर गंनात्रा को मिनिस्ट्री आॅफ कामर्स एंड इंडस्ट्री,भारत सरकार ने इंटरइंस्टीट्यूशनल ग्रुप फाॅर प्रीपेरिंग ए रिपोर्ट आॅन अट्रेक्टिंग फाॅरेन इंवेस्टमेंट एंड डेवलपिंग स्पेशल इक्नामिक जोन इन इंडिया का कंवेयर नियुक्त किया गया था।