इलाहाबाद हाईकोर्ट रेरा द्वारा जारी वसूली प्रमाण पत्रों को निष्पादित नहीं करने पर स्वत: संज्ञान याचिका शुरू करने पर विचार कर रहा है

Praveen Mishra

26 April 2024 4:55 PM IST

  • इलाहाबाद हाईकोर्ट रेरा द्वारा जारी वसूली प्रमाण पत्रों को निष्पादित नहीं करने पर स्वत: संज्ञान याचिका शुरू करने पर विचार कर रहा है

    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) द्वारा जारी रिकवरी सर्टिफिकेट पर अमल न करने के लिए लखनऊ के जिलाधिकारी का व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है।

    कोर्ट ने कहा कि कई मामले दायर किए गए हैं और हाईकोर्ट द्वारा आदेश पारित किए गए हैं; हालांकि, रेरा द्वारा जारी निष्पादन प्रमाणपत्रों से निपटने के लिए कोई तंत्र नहीं रखा गया है।

    जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने कहा कि चूंकि रेरा द्वारा जारी वसूली प्रमाणपत्रों को निष्पादित न करने का मामला बड़े जनहित से संबंधित है, इसलिए कोर्टस्वत: संज्ञान जनहित याचिका दर्ज करने पर विचार करेगा।

    "हम इस संबंध में स्वतः संज्ञान जनहित याचिका के पंजीकरण पर विचार करेंगे क्योंकि शिकायतकर्ताओं का व्यापक जनहित जो पहले ही संपर्क कर चुके हैं और रेरा से निर्णय प्राप्त कर चुके हैं, शामिल हैं और वसूली प्रमाणपत्रों के गैर-निष्पादन के कारण पूर्वाग्रह से ग्रस्त हैं।

    कोर्ट ने जिला मजिस्ट्रेट, लखनऊ के व्यक्तिगत हलफनामे को रेरा से प्राप्त निष्पादन के सभी प्रमाणपत्रों के विवरण और निष्पादन कार्यवाही की स्थिति का खुलासा करने का निर्देश दिया है।

    मामले को 27.05.2024 को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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