Krishna Janmabhoomi Case | इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया गया: 'कार सेवा' की चिंता के बीच मथुरा प्रशासन ने सुरक्षा के इंतज़ाम किए
Shahadat
27 Aug 2026 1:57 PM IST

इलाहाबाद हाईकोर्ट को जानकारी दी गई कि मथुरा प्रशासन ने विवादित कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह परिसर में सुरक्षा के इंतज़ाम किए हैं। यह कदम उस जगह पर 'कार सेवा' की संभावना को लेकर जताई गई चिंताओं के मद्देनजर उठाया गया।
जस्टिस अवनीश सक्सेना की बेंच को इन इंतज़ामों के बारे में तब बताया गया, जब उन्होंने मथुरा के ज़िला मजिस्ट्रेट (DM) और सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (SSP) द्वारा सीलबंद लिफ़ाफ़े में सौंपी गई रिपोर्ट को देखा।
25 अगस्त को दिए अपने आदेश में कोर्ट ने दर्ज किया कि उसके पिछले आदेश के मुताबिक, मथुरा के DM और SSP की रिपोर्ट सीलबंद लिफ़ाफ़े में मिल गई।
कोर्ट ने कहा कि उसने रिपोर्ट देखी और पाया कि प्रशासन ने "कथित कार सेवा और परिसर में सुरक्षा बनाए रखने" के लिए इंतज़ाम किए।
हालांकि, कोर्ट ने यह भी नोट किया कि रिपोर्ट गोपनीय थी, इसलिए उसने निर्देश दिया कि इसे फिर से सीलबंद लिफ़ाफ़े में रखा जाए।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने 17 जुलाई को यह रिपोर्ट मांगी थी। यह रिपोर्ट एक वादी (जो खुद अपना केस लड़ रहा था) की अर्ज़ी के बाद मांगी गई। अर्ज़ी में राज्य सरकार और प्रशासन से निर्देश देने की मांग की गई कि किसी भी व्यक्ति या समूह को विवादित जगह पर मीटिंग करने, 'कार सेवा' करने या कोई कार्यक्रम आयोजित करने से रोका जाए, जिसका मकसद सार्वजनिक शांति भंग करना हो।
यह अर्ज़ी आशुतोष महाराज ने वकील रीना एन. सिंह के ज़रिए दायर की थी। वे खुद को श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट (रजिस्टर्ड), मथुरा का अध्यक्ष बताते हैं।
अर्ज़ी को रिकॉर्ड पर लिया गया और आपत्तियां मांगी गईं। इसके बाद कोर्ट ने मथुरा के ज़िला मजिस्ट्रेट और SSP को अगली तारीख से पहले सीलबंद लिफ़ाफ़े में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
मूल अर्ज़ी में सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से उन कार्यक्रमों के प्रचार का ज़िक्र किया गया, जो कथित तौर पर विवादित जगह पर आयोजित किए जाने थे।
इसमें ऐसी गतिविधियों का न्यायिक कार्यवाही, कानून-व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव पर संभावित असर को लेकर चिंता जताई गई। इसलिए राज्य और प्रशासन से उचित निर्देश देने की मांग की गई।


