पुलिस स्टेशन में गैर-कानूनी हिरासत और ₹14 लाख की ज्वेलरी लूट का आरोप: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने SP से जांच और CCTV फुटेज सुरक्षित रखने को कहा

Shahadat

31 Aug 2026 10:53 AM IST

  • पुलिस स्टेशन में गैर-कानूनी हिरासत और ₹14 लाख की ज्वेलरी लूट का आरोप: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने SP से जांच और CCTV फुटेज सुरक्षित रखने को कहा

    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्नाव के पुलिस अधीक्षक (SP) को आदेश दिया कि वह उन्नाव जिले के हसनगंज पुलिस स्टेशन में एक व्यक्ति को गैर-कानूनी रूप से हिरासत में रखने और उससे ₹14 लाख की ज्वेलरी, कैश और अन्य सामान लूटने के आरोपों की जांच करें।

    जस्टिस रजनीश कुमार और जस्टिस बबीता रानी की बेंच ने पिछले हफ्ते क्रिमिनल रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि उसे 27 जुलाई से 30 जुलाई, 2026 तक बिना किसी कानूनी कार्रवाई के पुलिस स्टेशन में गैर-कानूनी रूप से हिरासत में रखा गया।

    याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों और विपक्षी पार्टी नंबर 7 ने ₹14 लाख की ज्वेलरी, ₹35,000 कैश, दो मोबाइल फोन और लगभग 15 कारतूस लूट लिए।

    याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की कि वह 27 जुलाई से 30 जुलाई, 2026 की अवधि के लिए पुलिस स्टेशन के CCTV फुटेज को सुरक्षित रखें और उसे कोर्ट के सामने पेश करें।

    याचिका में लगाए गए आरोपों और याचिकाकर्ता की मांगों पर विचार करते हुए बेंच ने कहा कि इस मामले पर गौर करने की ज़रूरत है।

    इसलिए कोर्ट ने विपक्षी पार्टी नंबर 6 और 7 को नोटिस जारी किया और राज्य को जवाबी हलफनामा (Counter-Affidavit) दाखिल करने के लिए 3 हफ़्ते का समय दिया।

    इस बीच, कोर्ट ने उन्नाव के पुलिस अधीक्षक को याचिका में लगाए गए आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया।

    SP को खास तौर पर निर्देश दिया गया कि वह संबंधित समय अवधि के लिए हसनगंज पुलिस स्टेशन के CCTV फुटेज की जांच करें, फुटेज को सुरक्षित रखें और जांच रिपोर्ट के साथ उसे हाईकोर्ट के सामने पेश करें।

    कोर्ट ने आगे यह भी निर्देश दिया:

    "अगर किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ कोई दोषी ठहराने वाला सबूत मिलता है तो उन्नाव के पुलिस अधीक्षक द्वारा ऐसे दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ उचित कार्रवाई भी की जाएगी।"

    जवाबी हलफनामे के साथ उन्नाव के पुलिस अधीक्षक का हलफनामा भी होना चाहिए। इसके बाद मामले को लिस्ट करने का आदेश दिया गया।

    Case title - Ram Kumar vs. State Of U.P. Thru. Secy. Home Deptt. Lko. And Others

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