'सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करना ज़रूरी': अवध बार एसोसिएशन जुलाई में होने वाली AGM में महिलाओं के लिए 30% कोटा पर करेगा फ़ैसला
Shahadat
6 Jun 2026 12:35 PM IST

अवध बार एसोसिएशन (OBA) ने हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया कि वह बार एसोसिएशन में पदाधिकारियों या कार्यकारी सदस्यों के तौर पर महिलाओं के लिए 30% आरक्षण अनिवार्य करने वाले सुप्रीम कोर्ट के 2025 के निर्देश का पालन करने के लिए बाध्य है।
जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजीव शुक्ला की बेंच के सामने पेश होते हुए एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि किन खास पदों को आरक्षित किया जाएगा, इस पर अंतिम फ़ैसला जुलाई 2026 में होने वाली आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) में लिया जाएगा।
मामले को 13 जुलाई के लिए सूचीबद्ध करते हुए बेंच ने एसोसिएशन को निर्देश दिया है कि वह सुनवाई की अगली तारीख पर लिए गए फ़ैसलों के बारे में जानकारी दे।
बेंच एक प्रैक्टिसिंग वकील दिव्या त्रिपाठी उर्फ दिव्या मिश्रा द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई कर रही थी।
यह PIL याचिका सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित विभिन्न आदेशों के मद्देनजर अवध बार एसोसिएशन, हाईकोर्ट, लखनऊ की महिला सदस्यों के लिए आरक्षण की मांग करती है।
PIL याचिका का जवाब देते हुए सीनियर एडवोकेट एचजीएस परिहार और एडवोकेट आरसी तिवारी, OBA के अध्यक्ष पं. एस. चंद्र और OBA के सचिव ललित किशोर तिवारी ने कहा कि याचिका समय से पहले दायर की गई।
हालांकि, यह स्वीकार किया गया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए एसोसिएशन जुलाई 2025 के लिए प्रस्तावित अपनी वार्षिक आम बैठक में इस मुद्दे पर विचार करेगा। यह भी आश्वासन दिया गया कि वह PIL याचिकाकर्ता के सुझावों पर विचार करेगा।
इसे देखते हुए बेंच ने OBA की बात को रिकॉर्ड करते हुए मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई के लिए तय की।
कोर्ट ने अपने संक्षिप्त आदेश में लिखा,
"अवध बार एसोसिएशन (OBA) इस बात को स्वीकार करता है कि वह ऊपर बताए गए मामले में माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय किए गए 30% आरक्षण के नियम से बंधा हुआ है। एसोसिएशन जुलाई 2026 में होने वाली अगली सालाना आम बैठक (AGM) में इस बात पर आगे विचार करने का प्रस्ताव रखता है कि इसके तहत कौन से पद आरक्षित किए जाएं। इस संबंध में याचिकाकर्ता के सुझावों पर भी विचार किया जाएगा। इसलिए हम इस मामले को जुलाई 2026 के दूसरे सप्ताह के लिए सूचीबद्ध करते हैं।"

