न्यायिक आदेशों का पालन न करने पर यूपी के खाद्य विभाग के प्रधान सचिव के खिलाफ हाईकोर्ट ने शुरू की अवमानना ​​की कार्यवाही

  • न्यायिक आदेशों का पालन न करने पर यूपी के खाद्य विभाग के प्रधान सचिव के खिलाफ हाईकोर्ट ने शुरू की अवमानना ​​की कार्यवाही

    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार के खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रधान सचिव रणवीर प्रसाद के खिलाफ कोर्ट की अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया। यह आदेश इसलिए दिया गया क्योंकि उन्होंने तय समय में मध्यस्थता (Arbitration) शुरू करने के डिवीज़न बेंच के आदेश का पालन नहीं किया और यह भी कहा कि सरकारी आदेशों के कारण मध्यस्थता नहीं हो सकती।

    रणवीर प्रसाद के खिलाफ अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू करने का आदेश देते हुए जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की बेंच ने कहा,

    "इसके अलावा, प्रधान सचिव रणवीर प्रसाद को डिवीज़न बेंच के उस आदेश की जानकारी थी, जिसमें मध्यस्थता को चार महीने के भीतर शुरू और पूरा करने के लिए कहा गया था। फिर भी उन्होंने यह कहने की हिम्मत दिखाई कि मध्यस्थता नहीं हो सकती, क्योंकि सरकारी आदेशों की शर्तों का पालन नहीं किया गया है; यह प्रथम दृष्टया इस कोर्ट की अवमानना ​​भी है।"

    इससे पहले, धान की आपूर्ति की मात्रा और होल्डिंग चार्ज, कानूनी और अनुबंध संबंधी बकाया राशि से जुड़े विवादों को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई। एक डिवीज़न बेंच ने पक्षों को उनके बीच हुए समझौते के तहत एक मध्यस्थ (Arbitrator) के सामने दावों का निपटारा करने का निर्देश दिया और मध्यस्थ को 4 महीने के भीतर दावे पर फैसला करने का निर्देश दिया गया।

    यह आदेश 8 जनवरी, 2026 को पारित किया गया।

    यूपी सरकार की ओर से खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रधान सचिव ने कहा कि मामले को मध्यस्थता के लिए नहीं भेजा जा सकता, क्योंकि 09.10.2015 और 17.12.2015 के सरकारी आदेशों के तहत जमा राशि नहीं की गई। कोर्ट ने पाया कि यह आदेश प्रथम दृष्टया हाईकोर्ट के आदेश को रद्द कर रहा था।

    कोर्ट ने कहा,

    "कानून का यह स्थापित सिद्धांत है कि कोई भी आदेश जो सक्षम अधिकार क्षेत्र वाली अदालत, और खासकर इस कोर्ट द्वारा पारित न्यायिक आदेश का उल्लंघन करता है, वह अमान्य (non est) होता है।"

    इसके अनुसार, कोर्ट ने निर्देश दिया कि मामले को चीफ जस्टिस के समक्ष रखा जाए ताकि यूपी सरकार की ओर से काम कर रहे खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रधान सचिव रणवीर प्रसाद के खिलाफ कोर्ट की अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू की जा सके।

    मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर को होगी।

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