इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जारी किए कानपुर बम ब्लास्ट और राज नारायण-इंदिरा गांधी केस के हिंदी अनुवादित ऐतिहासिक फैसले

Praveen Mishra

25 May 2026 11:44 AM IST

  • इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जारी किए कानपुर बम ब्लास्ट और राज नारायण-इंदिरा गांधी केस के हिंदी अनुवादित ऐतिहासिक फैसले

    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपनी ऐतिहासिक निर्णय श्रृंखला के चौथे और पांचवें संस्करण के तहत दो महत्वपूर्ण मामलों के हिंदी अनुवाद ई-पुस्तिका स्वरूप में जारी किए हैं। इनमें स्वतंत्रता पूर्व कानपुर बम विस्फोट प्रकरण और ऐतिहासिक राज नारायण बनाम इंदिरा नेहरू गांधी मामले में पारित फैसले शामिल हैं। इन ई-पुस्तिकाओं का लोकार्पण 20 मई 2026 को ए-आई असिस्टेड लीगल एडवाइजरी, ई-एएचसीआर और आईएलआर समिति द्वारा किया गया।

    चौथे संस्करण में 15 मार्च 1946 को इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा कानपुर बम विस्फोट मामले में दिए गए फैसले का हिंदी अनुवाद प्रकाशित किया गया है। यह मामला भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान औपनिवेशिक शासन के खिलाफ कथित षड्यंत्र और बम विस्फोट के आरोपों से जुड़ा था। वहीं पांचवें संस्करण में 12 जून 1975 को दिए गए ऐतिहासिक फैसले का हिंदी अनुवाद शामिल है, जिसमें राज नारायण ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के रायबरेली लोकसभा चुनाव को चुनौती दी थी। इस फैसले ने लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के महत्व को रेखांकित किया था।

    इससे पहले चौरी-चौरा कांड, केशव सिंह प्रकरण और आगरा षड्यंत्र मामले से जुड़े फैसले इस श्रृंखला के पहले तीन संस्करणों में प्रकाशित किए जा चुके हैं। हाईकोर्ट ने कहा है कि अन्य ऐतिहासिक मामलों के हिंदी अनुवाद भी आगामी संस्करणों में जारी किए जाएंगे।

    हाईकोर्ट के अनुसार, यह ई-पुस्तिका श्रृंखला विधि शोधकर्ताओं, अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों, विधि छात्रों और आम नागरिकों के लिए उपयोगी साबित होगी। इन पुस्तिकाओं का उद्देश्य न्यायिक ज्ञान को आम लोगों तक पहुंचाना और न्यायालय की समृद्ध विरासत को सरल हिंदी में उपलब्ध कराना है।

    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह भी बताया कि सुवास प्रकोष्ठ द्वारा अब तक हाईकोर्ट के 82,000 से अधिक फैसलों और उत्तर प्रदेश से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के 300 से अधिक निर्णयों का हिंदी में अनुवाद किया जा चुका है। सभी अनुवादित फैसले हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर ई-एएचसीआर टैब के तहत निःशुल्क उपलब्ध हैं।

    Praveen Mishra

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    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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