आय निर्धारण के लिए पति के ITR तलब, DV मामले में ट्रायल कोर्ट को पुनः निर्णय का निर्देश: इलाहाबाद हाईकोर्ट

Praveen Mishra

31 March 2026 3:49 PM IST

  • आय निर्धारण के लिए पति के ITR तलब, DV मामले में ट्रायल कोर्ट को पुनः निर्णय का निर्देश: इलाहाबाद हाईकोर्ट

    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने घरेलू हिंसा अधिनियम से जुड़े एक मामले में पति की आय का सही आकलन करने के लिए उसके आयकर रिटर्न (ITR) तलब किए और ट्रायल कोर्ट के आदेश पर सवाल उठाए।

    मामला तब सामने आया जब पत्नी ने आरोप लगाया कि उसके पति ने अपनी वास्तविक आय छुपाने के लिए खुद को मजदूर बताया, जबकि वह पेशे से आर्किटेक्ट है। पत्नी ने CrPC की धारा 91 के तहत आवेदन दाखिल कर पति के आयकर रिटर्न मंगाने की मांग की थी, लेकिन ट्रायल कोर्ट ने यह कहते हुए आवेदन खारिज कर दिया कि ऐसे दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं है।

    इस आदेश को पत्नी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी और कहा कि पति ने झूठा हलफनामा देकर अपनी आय को गलत तरीके से प्रस्तुत किया है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने आयकर विभाग को संबंधित दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया।

    रिकॉर्ड के अवलोकन के बाद अदालत ने पाया कि पति वास्तव में एक आर्किटेक्ट है और उसकी आय आकलन वर्ष 2023-24 में ₹4,85,290 तथा 2024-25 में ₹5,07,680 रही है।

    अदालत ने इस संदर्भ में Rajnesh v Neha and Others के फैसले का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि आय, संपत्ति और देनदारियों से संबंधित जानकारी संबंधित व्यक्ति के विशेष ज्ञान में होती है और विवाद की स्थिति में अदालत आवश्यक दस्तावेज मंगवा सकती है।

    हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि वह सुप्रीम कोर्ट के उक्त निर्णय के अनुसार मामले पर पुनः विचार कर नया आदेश पारित करे।

    यह फैसला इस बात को रेखांकित करता है कि भरण-पोषण और घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों में वास्तविक आय का निर्धारण न्यायपूर्ण निर्णय के लिए अत्यंत आवश्यक है।

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