साइबर फ्रॉड में पूरे बैंक खाते को फ्रीज नहीं कर सकते: इलाहाबाद हाईकोर्ट
Praveen Mishra
14 Aug 2026 5:45 PM IST

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि साइबर फ्रॉड के मामले में यदि जांच एजेंसी ने केवल एक निश्चित राशि को विवादित बताया है, तो पूरे बैंक खाते को फ्रीज नहीं किया जा सकता। केवल विवादित रकम पर ही लियन लगाया जा सकता है।
जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अब्धेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने कारोबारी रितेश यादव के मामले में यह आदेश दिया। उनके खाते में ₹36,000 के विवादित लेनदेन के बाद कई बैंक खातों पर डेबिट फ्रीज लगा दिया गया था।
कोर्ट ने संबंधित बैंक को खाता डी-फ्रीज करने और केवल ₹36,000 पर लियन लगाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि बाकी रकम के अपराध से जुड़े होने का कोई material नहीं होने पर पूरे खाते को फ्रीज करना जांच के उद्देश्य से कहीं आगे की कार्रवाई है।
हाईकोर्ट ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों को MHA की साइबर फ्रॉड शिकायत निवारण SOP का पालन करने और ग्राहकों के लिए शिकायत निवारण व्यवस्था को अपनी शाखाओं व वेबसाइटों पर प्रमुखता से उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।
कोर्ट ने कहा कि किसी निर्दोष खाताधारक को केवल एक निश्चित राशि के विवादित लेनदेन के कारण उसकी वैध रकम तक अनिश्चितकाल तक पहुंच से वंचित नहीं किया जा सकता।


