पुलिस स्टेशन में CCTV खराब होने पर पूछताछ/हिरासत का रिकॉर्ड GD में दर्ज करना होगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट
Praveen Mishra
30 Sept 2026 3:53 PM IST

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस स्टेशनों में CCTV कैमरे खराब होने की स्थिति में पुलिस के लिए महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए हैं। जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की डिवीजन बेंच ने कहा कि CCTV उपलब्ध न होने पर थाने में पूछताछ या गिरफ्तारी के लिए लाए गए हर व्यक्ति की एंट्री, पूछताछ और रिहाई का विवरण General Diary (GD) में तत्काल दर्ज करना होगा।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एक बार CCTV सिस्टम चालू हो जाने के बाद उसे 24 घंटे, 365 दिन काम करना चाहिए। अगर सिस्टम खराब होता है तो SHO को GD में खराबी का समय और इसकी सूचना जिस अधिकारी को लिखित रूप से दी गई, उसका विवरण दर्ज करना होगा। जिले के SP को भी सूचित कर CCTV को जल्द से जल्द ठीक कराना होगा।
CCTV बंद रहने के दौरान पूछताछ के लिए बुलाए गए व्यक्ति की रिहाई का समय भी दर्ज करना होगा और पुलिस को उसकी रिहाई की रसीद लेनी होगी। इसमें यह भी दर्ज किया जाना चाहिए कि व्यक्ति को किसके साथ या किसके सुपुर्द किया गया।
कोर्ट ने कहा कि इन सुरक्षा उपायों का पालन नहीं होने पर भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 119(g) के तहत पुलिस के खिलाफ प्रतिकूल अनुमान लगाया जा सकता है।
क्या है मामला?
यह मामला राघवेंद्र दुबे की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका से जुड़ा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें आसनसोल से उठाकर चित्रकूट के सरधुवा थाने लाया गया और अवैध रूप से हिरासत में रखा गया।
कोर्ट ने CCTV फुटेज के आधार पर पाया कि वह 13 जुलाई 2026 को सुबह 9 बजे थाने पहुंचे और 10:19 बजे जांच अधिकारी के साथ बाहर गए। उन्हें रात 8:24 बजे वापस थाने लाया गया, जबकि गिरफ्तारी मेमो में गिरफ्तारी का समय दोपहर 3:30 बजे दर्ज था।
कोर्ट ने यह भी पाया कि थाने के अंदर की निगरानी करने वाले तीन CCTV कैमरों की फुटेज उपलब्ध नहीं थी, जबकि दो अन्य कैमरों की फुटेज मौजूद थी। अदालत ने माना कि गायब फुटेज को जानबूझकर डिलीट किया गया या DVR में सेव नहीं किया गया।
हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी को रद्द करते हुए, यदि किसी अन्य मामले में आवश्यकता न हो तो याचिकाकर्ता की रिहाई का आदेश दिया और 24 घंटे की अवैध हिरासत के लिए ₹10,000 मुआवजा देने का निर्देश दिया।

