वकील के कथित अपमान का मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने दी जस्टिस अजय भनोट की अदालत का बहिष्कार करने की चेतावनी
Shahadat
28 Oct 2026 10:20 AM IST

इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने मंगलवार को जस्टिस अजय भनोट की अदालत का बहिष्कार करने की धमकी दी। एसोसिएशन का आरोप है कि कोर्ट की कार्यवाही के दौरान उन्होंने एक वकील को अपमानित किया और एक वरिष्ठ वकील का मजाक भी उड़ाया।
27 अक्टूबर 2026 को लिखे गए एक पत्र में, जिसे रजिस्ट्रार जनरल के माध्यम से इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को भेजा गया, बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने उसी दिन जस्टिस भनोट की अदालत में हुई घटना पर उचित कार्रवाई की मांग की।
पत्र के अनुसार, जस्टिस भनोट ने अपने कोर्ट रूम में आने वाले पुलिस अधिकारियों या अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के लिए अगली कतार में एक अलग कुर्सी रखने की प्रथा शुरू की थी।
एसोसिएशन का आरोप है कि कार्यवाही के दौरान, पुलिस अधीक्षक (SP) रैंक के एक पुलिस अधिकारी, एडिशनल गवर्नमेंट एडवोकेट (AGA) के पीछे वाली कतार में बैठे थे। इस पर वकील ने सम्मानपूर्वक उस अधिकारी से पीछे बैठने के लिए कहा और कहा, "यह आपकी सीट नहीं है।"
पत्र में कहा गया कि AGA ने उस वकील को फटकार लगाई और कहा कि वह इस बारे में जज से शिकायत करेंगे।
आगे आरोप लगाया गया कि जब जस्टिस भनोट कोर्ट रूम में आए तो AGA ने उस वकील की शिकायत की। इसके बाद जज ने वकील की ओर उंगली उठाई और "कठोर शब्दों" में उन्हें जेल भेजने का आदेश दे दिया।
एसोसिएशन के अनुसार, जब वकील ने माफी मांगी तो जज ने उन्हें पुलिस अधिकारी से भी माफी मांगने के लिए मजबूर किया।
एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया कि जस्टिस भनोट ने कोर्ट रूम में मौजूद वरिष्ठ वकील वीपी श्रीवास्तव का भी मजाक उड़ाया। एसोसिएशन का कहना है कि इस घटना से वकीलों की गरिमा को गहरी ठेस पहुंची है।
इस कथित व्यवहार को 'अदालत की अवमानना' (Contemptuous) करार देते हुए एसोसिएशन ने चीफ जस्टिस से आग्रह किया कि वे इस मामले का संज्ञान लें और उचित कार्रवाई करें।
पत्र में चेतावनी दी गई कि यदि उचित कार्रवाई नहीं की गई तो इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जस्टिस भनोट की अदालत का बहिष्कार करेगा।
एसोसिएशन ने कोर्ट रूम में बैठने की व्यवस्था से जुड़ी इस नई 'प्रथा' पर भी आपत्ति जताई है।
पत्र में आगे कहा गया,
"…अगर अदालत किसी वकील का अपमान करने के लिए स्वतंत्र है, तो वकील भी अदालत का अपमान करने में नहीं हिचकिचाएगा।"
इस पत्र पर एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष सीनियर एडवोकेट डॉ. सीपी उपाध्याय और महासचिव, एडवोकेट संतोष कुमार मिश्रा ने हस्ताक्षर किए।

