3 बच्चों की हत्या के मामले में मां और कथित प्रेमी बरी, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- 8 वर्षीय बच्चे की गवाही में 'ट्यूटोरिंग' के संकेत
Praveen Mishra
24 Sept 2026 7:11 PM IST

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीन बच्चों की हत्या के मामले में मौत की सजा पाने वाली मां प्रियंका और उसके कथित प्रेमी आशीष उर्फ डैनी को बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष दोनों के खिलाफ अपराध को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा।
जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस जय कृष्ण उपाध्याय की पीठ ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए दोनों को तत्काल रिहा करने का निर्देश दिया, यदि वे किसी अन्य मामले में वांछित न हों।
क्या था मामला?
मामला औरैया का है, जहां 27 जून 2024 को सेंगुर नदी से तीन बच्चों—माधव (6), आदित्य (5) और मंगल (4) के शव बरामद हुए थे।
अभियोजन के अनुसार, प्रियंका अपने चार बच्चों को नदी के पास ले गई थी और आशीष के साथ मिलकर उन्हें डुबोने की कोशिश की। इस घटना में तीन बच्चों की मौत हो गई, जबकि 8 वर्षीय सोनू बच गया।
ट्रायल कोर्ट ने जुलाई 2025 में दोनों को दोषी ठहराया था। प्रियंका को मौत की सजा, जबकि आशीष को उम्रकैद सुनाई गई थी।
8 वर्षीय बच्चे की गवाही पर कोर्ट ने जताया संदेह
हाईकोर्ट ने सोनू की गवाही की जांच करते हुए कहा कि उसमें “irreconcilable contradictions” यानी गंभीर और असंगत विरोधाभास हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि गवाही में “clear hallmarks of tutoring” दिखाई देते हैं।
कोर्ट ने पाया कि सोनू और प्रथम सूचनाकर्ता मनीष ने घटना की जानकारी पुलिस तक पहुंचने को लेकर अलग-अलग बातें बताईं। इसके अलावा, घटना के दिन बच्चे का बयान दर्ज नहीं किया गया था और उसका बयान करीब एक सप्ताह बाद दर्ज हुआ।
ग्राम प्रधान की गवाही भी नहीं कराई गई
कोर्ट ने कहा कि ग्राम प्रधान, जिसने कथित तौर पर सबसे पहले पुलिस को घटना की सूचना दी थी, अभियोजन का महत्वपूर्ण गवाह था, लेकिन उसे ट्रायल में पेश नहीं किया गया।
पीठ ने जांच में FIR दर्ज करने, बच्चे का बयान दर्ज करने और साइट प्लान से संबंधित कई कमियां भी पाईं।
कोर्ट ने कहा कि जांच में हुई ये खामियां “अभियोजन के मामले की जड़ पर असर डालती हैं।”
इन परिस्थितियों में कोर्ट ने दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया और ट्रायल कोर्ट का फैसला रद्द कर दिया।

