Top
Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य सुर्खियां

विशेष अनुमति याचिका पर फैसला होने तक दिल्ली में संशोधित न्यूनतम वेतन लागू होगा; सुप्रीम कोर्ट ने संशोधित अधिसूचना 3 महीने में तैयार करने को कहा [आर्डर पढ़े]

LiveLaw News Network
4 Nov 2018 8:15 AM GMT
विशेष अनुमति याचिका पर फैसला होने तक दिल्ली में संशोधित न्यूनतम वेतन लागू होगा; सुप्रीम कोर्ट ने संशोधित अधिसूचना 3 महीने में तैयार करने को कहा [आर्डर पढ़े]
x

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली सरकार द्वारा न्यूनतम मजदूरी में 37% की वृद्धि को अस्थायी रूप से बहाली का निर्देश दिया जो विशेष अनुमति याचिका पर फैसला होने तक के लिए है।

 मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोईन्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति केएम जोसेफ की पीठ ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में कोई बकाया भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगीवर्तमान मजदूरी अधिसूचना के अनुसार दी जाएगी होगी।

 अदालत ने आगे कहा कि दिल्ली सरकार न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 की धारा 5 (1) (ए) या 5 (1) (बी) के तहत न्यूनतम वेतन के निर्धारण का काम दुबारा करे।

 इसके बाद दिल्ली सरकार के वकील दुष्यंत दवे ने आश्वासन दिया कि यह कार्य दो महीने की अवधि के भीतर पूरा हो जाएगा। हालांकिअदालत ने कहा कि वह इसके लिए तीन महीने का समय दे रही है और दिल्ली की आप सरकार से अदालत के समक्ष अधिसूचना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जो इस अवधि के समाप्त होने के बाद प्रस्तावित होगा।

 अदालत ने आगे आदेश दिया कि संबंधित अधिसूचना के तहत बकाये के भुगतान का सवाल ताजा अधिसूचना के अनुसार मजदूरी को फिर से तय करने की प्रक्रिया के अनुरूप होगा। इसके अलावा कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नियोक्ता दी जा चुकी राशि की वसूली नहीं करेंगे।

 दिल्ली उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गीता मित्तल और सी हरी शंकर की पीठ ने इस साल अगस्त में जारी दिल्ली सरकार के न्यूनतम वेतन संबंधी अधिसूचना के बारे में कहा था कि इसे तैयार करते हुए दिमाग नहीं लगाया गया था और कहा कि यह स्वाभाविक न्याय का उल्लंघन करता है।

उच्च न्यायालय ने यह फैसला व्यापारी संगठनोंपेट्रोल डीलरों और रेस्तरां मालिकों की याचिका पर दिया था जिन्होंने दिल्ली सरकार की अधिसूचना को चुनौती दी थी।


 
Next Story