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नाबालिग से रेप: 25 अप्रैल को जोधपुर सेंट्रल जेल में सुनाया जाएगा आसाराम पर फैसला [आर्डर पढ़े]

LiveLaw News Network
17 April 2018 3:15 PM GMT
नाबालिग से रेप: 25 अप्रैल को जोधपुर सेंट्रल जेल में सुनाया जाएगा आसाराम पर फैसला [आर्डर पढ़े]
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आश्रम में नाबालिग के यौन उत्पीड़न के आरोपी आसाराम पर फैसला अब 25 अप्रैल को जोधपुर सेंट्रल जेल में सुनाया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए राजस्थान सरकार की अर्जी को मंजूर करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर बेंच ने ये फैसला सुनाया है।

जस्टिस  गोपालकृष्ण व्यास और जस्टिस रामचंद्र सिंह झाला की पीठ ने बुधवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ये फैसला सुनाया। पीठ ने इस संबंध पुलिस और प्रशासन को कानून के मुताबिक जेल व आसपास सुरक्षा कड़ी करने के निर्देश भी दिए हैं।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश AAG ने कोर्ट को बताया कि जोधपुर एससी-एसटी कोर्ट के जज मधुसुदन शर्मा 25 अप्रैल को फैसला सुनाने वाले हैं।फैसला सुनाने के दिन आसाराम के भक्तों के बड़ी संख्या में जोधपुर पहुंचने और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका है। लिहाजा हाईकोर्ट निर्देश जारी करे कि आसाराम के खिलाफ जेल में ही फैसला सुनाया जाए। उन्होंने खुफिया रिपोर्ट का भी हवाला दिया कि देशभर से आसाराम के हजारों समर्थक जोधपुर कोर्ट में जमा होंगे जिससे शहर की शांति और कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है।

अर्जी में पंचकूला में बाबा राम रहीम को सजा सुनाए जाने के बाद हुई हिंसा का भी हवाल दिया गया।

हालांकि सुनवाई के दौरान आसाराम की ओर से वकील महेश बोड़ा ने इसका विरोध करते हुए कहा कि ऐसा कोई कानून नहीं है जिसके तहत जेल में कोर्ट लगाई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस आसाराम के खिलाफ जानबूझकर माहौल बना रही है।

हाईकोर्ट की पीठ ने इस संबंध में निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं :




  1. SC/ST ( अत्याचार निवारण) जज तय तारीख 25 अप्रैल 2018 को ही राजस्थान सरकार बनाम आसाराम मामले में फैसले की कार्रवाई जोधपुर सेंट्रल जेल में करेंगे।

  2. जोधपुर सेंट्रल जेल के अधीक्षक और पुलिस/ जिला प्रशासन फैसला सुनाने की कार्रवाई के लिए जेल में तमाम इंतजाम करेंगे।

  3. फैसला सुनाए जाने के समय संबंधितवकील और सरकारी वकील उपस्थित रह सकेंगे।

  4. जोधपुर के पुलिस आयुक्त और जिला प्रशासन शहर के लोगों व संपत्ति की सुरक्षा के लिए इंतजाम करेंगे और ये देखेंगे कि आसाराम के समर्थक किसी तरह की दिक्कत या अफरातफरी ना मचाएं।

  5. जोधपुर शहर की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाए।

  6. आसाराम के समर्थकों को जोधपुर सेंट्रल जेल तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस प्रशासन कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करने को स्वतंत्र है।


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