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जस्टिस चेलामेश्वर ने कहा, “नहीं चाहता 24 घंटे के भीतर फिर से आदेश उल्टा कर दिया जाए“

LiveLaw News Network
12 April 2018 1:53 PM GMT
जस्टिस चेलामेश्वर ने कहा, “नहीं चाहता 24 घंटे के भीतर फिर से आदेश उल्टा कर दिया जाए“
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सुप्रीम कोर्ट में दूसरे वरिष्ठ जज जस्टिस जे चेलामेश्वर ने गुरुवार को कहा कि वो नहीं चाहते कि उनके एक और आदेश को 24 घंटे के भीतर उल्टा कर दिया जाए। वकील प्रशांत भूषण से ये कहते हुए उन्होंने पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण की उस याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया जिसमें मुख्य न्यायाधीश के मास्टर ऑफ रोस्टर को चुनौती दी गई है और मांग की गई है कि केसों के आवंटन का जिम्मा कॉलेजियम को होना चाहिए।

दरअसल इस केस को लेकर प्रशांत भूषण ने गुरुवार को शांति भूषण की याचिका को जस्टिस चेलामेश्वर के सामने मेंशन करते हुए कहा कि उन्होंने चीफ जस्टिस के मास्टर ऑफ रोस्टर को चुनौती दी है और कहा है कि केसों के आवंटन का काम कॉलेजियम के जजों को करना चाहिए लेकिन सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री इसका डायरी नंबर नहीं दे रही है। चूंकि  मामला चीफ जस्टिस से जुडा है इसलिए इसमें मांग की गई है कि वो इस पर ना तो वो सुनवाई करें और ना ही कोई प्रशासनिक आदेश जारी करें। इसके लिए रजिस्ट्रार को चिट्ठी भी लिखी गई है।इस मामले की सुनवाई वरिष्ठ जजों को करनी चाहिए। प्रशांत भूषण ने जस्टिस चेलामेश्वर से कहा कि ये आसाधारण परिस्थिति है और आसाधारण मामला भी है। इसलिए आपको मामले में दखल देना चाहिए। इस मामले में तीन वरिष्ठ जजों से भी बात की जा सकती है।

लेकिन जस्टिस चेलामेश्वर ने मामले की सुनवाई से इंकार करते हुए कहा कि दो महीने बाद वो रिटायर हो रहे हैं। अब देश खुद ही फैसला करेगा। उनके लिए कहा जा रहा है कि किसी ऑफिस को हथियाने के लिए ये कर रहे हैं।अगर किसी को चिंता नहीं है तो वो भी ज्यादा चिंता नहीं करेंगे। ये देश की दिक्कत है, देश ही इसका हल निकालेगा।

इसके बाद प्रशांत भूषण ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के सामने केस को रखा। चीफ जस्टिस ने कहा कि वो देखेंगे।

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