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पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड : CBI की क्लीन चिट के बाद तेज प्रताप यादव के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई बंद की

LiveLaw News Network
22 March 2018 6:27 AM GMT
पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड : CBI की क्लीन चिट के बाद तेज प्रताप यादव के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई बंद की
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बिहार के पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव पर हत्या के आरोपियों को शरण देने के आरोपों पर FIR दर्ज करने के निर्देश देने की याचिका का निस्तारण कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई द्वारा तेज प्रताप को इस मामले में क्लीन चिट दिए जाने को मंजूर कर लिया।

CBI ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड की बेंच को गुरुवार को बताया कि केस के आरोपी मोहम्मद कैफ और तेज प्रताप की तस्वीर हत्या से पहले की है।

बेंच ने कहा कि चूंकि एजेंसी ने कहा है कि इस मामले में कोई अपराध नहीं बनता है इसलिए याचिका को लंबित रखना ठीक नहीं है। आगे कभी याचिकाकर्ता को कोई ऐसी सूचना मिले तो वो हाईकोर्ट जा सकता है।

वहीं सीबीआई ने कहा कि मामले की जांच चल रही है और आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीज दाखिल की गई है।

गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया था कि वो चार हफ्ते में बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव पर हत्या के आरोपियों को शरण देने के आरोपों की जांच कर इसकी रिपोर्ट कोर्ट को सौंपे।

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड की बेंच ने सीबीआई को कहा था कि जांच एजेंसी आरोपियों मोहम्मद कैफ, मोहम्मद जावेद और  तेज प्रताप की फोटो की जांच करे और उस वक्त सिवान के SP सौरभ शाह के उन बयानों को भी देखे जो उन्होंने मीडिया को दिए थे। कोर्ट ने पूछा है कि जब तेज प्रताप के साथ आरोपी की फोटो ली गई तब क्या वो राजदेव रंजन केस में भगौडा था या वांछित था ?

इसी दौरान तेजप्रताप की ओर ये कहा गया कि वो एक सावर्जनिक समारोह में मिले थे और उस वक्त दोनों इस केस में भगौडे नहीं थे।

वहीं CBI की ओर से ASG तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया था कि इस हत्याकांड में जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।

गौरतलब है राजदेव रंजन की पत्नी आशा रंजन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर बिहार के बाहुबली नेता शहाबुद्दीन और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप सिंह  के ख़िलाफ हत्या के आरोपियों मोहम्मद कैफ और मोहम्मद जावेद की मदद और शरण देने के मामले में FIR दर्ज कर जांच की माँग की थी।  सुप्रीम कोर्ट ने शहाबुद्दीन को बिहार की जेल से दिल्ली की तिहाड जेल में ट्रांसफर कर दिया था।

राजदेव रंजन की पत्नी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर कहा गया था कि मामले की जांच सीबीआई को अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया जाए साथ ही उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जाए। मामले की जांच पहले ही सीबीआई को सौंप दी गई थी और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।

याचिकाकर्ता महिला आशा रंजन की ओर से उनके वकील किसलय पांडेय द्वारा दाखिल याचिका में कहा गया था कि 13 मई 2016 को सिवान में उनके पति राजदेव रंजन की गोली मारकर हत्या कर दी गई। राजदेव जर्नलिस्ट थे।

इस मामले में नगर थाने में हत्या का केस दर्ज किया गया। अर्जी में कहा गया कि शिकायती महिला ने मामले में शूटर के अलावा शहाबुद्दीन  पर भी आरोप लगाया था लेकिन पुलिस ने शहाबुद्दीन को नामजद नहीं किया।

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