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आरुषि, हेमराज हत्या: सुप्रीम कोर्ट ने बरी करने के फैसले के खिलाफ याचिका पर तलवार दंपति को नोटिस जारी किया

LiveLaw News Network
19 March 2018 1:39 PM GMT
आरुषि, हेमराज हत्या: सुप्रीम कोर्ट ने बरी करने के फैसले के खिलाफ याचिका पर तलवार दंपति को नोटिस जारी किया
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न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति आर बानुमती की पीठ ने हेमराज की पत्नी खुमकला  बेंजाड़े  की याचिका पर दंत चिकित्सक दंपति को नोटिस जारी किया।

 सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के राजेश और नुपूर तलवार को 2008 में अपनी बेटी आरुषि और घरेलू सहायक हेमराज की दोहरी हत्या में बरी करने के फैसले की अपील मंजूर कर ली।

न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति आर बानुमती की पीठ ने हेमराज की पत्नी खुमकला  बेंजाड़े  की याचिका पर दंत चिकित्सक दंपति को नोटिस जारी किया।

पिछले साल दिसंबर में ये याचिका दायर की गई थी। 8 मार्च को सीबीआई ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 12 अक्टूबर 2017 के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की। जांच एजेंसी ने अपनी अपील में कहा था कि उच्च न्यायालय का आदेश विभिन्न तथ्यों पर गलत था।

12 अक्तूबर को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति बीके नारायण और न्यायमूर्ति ए के मिश्रा की पीठ ने 16 मई, 2008 को नोएडा में जलवायु विहार घर में हुई हत्या में संदेह का लाभ देकर दंत चिकित्सक दंपति को बरी कर दिया था।हाईकोर्ट ने गाजियाबाद सीबीआई अदालत के उस आदेश के खिलाफ तलवार द्वारा अपील को मंजूर किया था जिसमें 26 नवंबर, 2013 को उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

 आरुषि की उसके बेडरूम में हत्या कर दी गई थी, उसके बाद हेमराज एक संदिग्ध माना गया था। हालांकि उसके लहूलुहान शव को भी एक दिन बाद घर की छत पर बरामद किया गया।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने दलील दी थी राजेश तलवार ने गुस्से में बेटी की हत्या कर दी थी। राजेश तलवार को 23 मई 2008 को गिरफ्तार किया गया था। 31 मई, 2008 को  सीबीआई ने मामले को संभाला और शुरू में माता-पिता को  रिहा कर दिया लेकिन बाद में दोनों हत्याओं के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया। 13 जून 2008 को राजेश तलवार के कंपाउंडर कृष्णा को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। दस दिन बाद तलवार के एक डॉक्टर मित्र के नौकर राजकुमार और तलवार के पड़ोसी के घरेलू सहायक विजय मंडल भी पकड़े गए।इन तीनों के खिलाफ बाद में  कोई सबूत नहीं मिला।

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