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रेप मामला: गुजरात सरकार ने SC को बताया, आसाराम के खिलाफ पीड़िता की ट्रायल कोर्ट में गवाही 29 जनवरी को

LiveLaw News Network
22 Jan 2018 3:32 PM GMT
रेप मामला: गुजरात सरकार ने SC को बताया, आसाराम के खिलाफ पीड़िता की ट्रायल कोर्ट में गवाही 29 जनवरी को
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गुजरात सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि आसाराम पर रेप का आरोप लगाने वाली पीड़िता के ट्रायल कोर्ट में 29 जनवरी को बयान होंगे।

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एन वी रमना की बेंच ने आसाराम की जमानत याचिका आठ हफ्ते के लिए टाल दी। बेंच ने कहा कि पीडिता की गवाही होने के बाद ही मामले की सुनवाई होगी।

हालांकि शुरुआत में बेंच मामले की सुनवाई नहीं करना चाहती थी और बेंच ने कहा कि पीड़िता की गवाही होने के बाद नई जमानत याचिका दाखिल की जा सकती है।

गौरतलब है कि 15 जनवरी को कोर्ट ने ट्रायल को लेकर गुजरात सरकार को रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। उस वक्त आसाराम की ओर से बताया गया कि 92 गवाहों में से 22 लोगों की गवाही हुई है जबकि 14 लोगों की गवाही हटा दी गई।

इससे पहले 28 अगस्त 2017 को रेप मामले में सुप्रीम कोर्ट ने  गुजरात के गांधी नगर में चल रही आसाराम के खिलाफ धीमी सुनवाई पर सवाल उठाए थे। सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार से पूछा मामले की सुनवाई में देरी क्यों हो रही है ?

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एनवी रमना और जस्टिस अमिताव राय की बेंच ने राज्य सरकार से पूछा था कि अभी तक पीड़ित के बयान क्यों नही दर्ज किए ? सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को कहा था कि हलफनामा दायर कर केस की प्रगति के बारे में बताए।

आसाराम की ओर से पेश संजय हेगडे ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि पुलिस मामले के ट्रायल में देरी कर रही है। यहां तक कि पीड़िता के बयान तक दर्ज नहीं किए गए हैं।

वहीं गुजरात सरकार की ओर से ASG तुषार मेहता ने कहा कि आसाराम जानबूझकर ट्रायल को लटका रहे हैं और गवाहों को क्रास एग्जामिन नहीं कर रहे हैं। मामले की सुनवाई दीवाली के बाद होगी।

दरअसल रेप के मामले में 12 अप्रैल 2017 को सु्प्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार से कहा था कि आसाराम के खिलाफ ट्रायल को लटकाए ना रखे। इस मामले में प्रैक्टिकली संभव हो सके, गवाहों के बयान दर्ज कराएं जाएं क्योंकि आसाराम लंबे वक्त से जेल में है.  गुजरात सरकार की ओर से कहा गया था कि इस मामले में गवाहों को लेकर तेजी से कारवाई चल रही है। 29 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं और 46 के बयान दर्ज होना बाकी है। इस बीच दो गवाहों की हत्या कर दी गई और 17 जख्मी हुए हैं जबकि एक लापता है।

वहीं आसाराम की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया था कि  सुप्रीम कोर्ट सरकार को आदेश दे कि गवाहों के बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।

दरअसल आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत की अर्जी लगाई थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अर्जी को ठुकराते हुए कहा था कि जब तक केस के गवाहों के बयान ट्रायल कोर्ट में दर्ज नहीं हो जाते, वो मामले की सुनवाई नहीं करेगा। दरअसल सूरत की दो बहनों ने आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं पर रेप करने और बंधक बनाने का आरोप लगाया है। बडी बहन ने आसाराम पर 2001 से 2006 के बीच अहमदाबाद के आश्रम में कई बार रेप करने का आरोप लगाया है।

आसाराम को जोधपुर पुलिस ने एक अन्य मामले में 31 अगस्त 2013 को गिरफ्तार किया था और तभी से वो जेल में बंद हैं।

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