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चार साल की लड़की के साथ रेप और हत्या के लिए निचली अदालत से मिली मौत की सजा को बॉम्बे हाई कोर्ट ने आजीवन कारावास में बदला [निर्णय पढ़ें]

LiveLaw News Network
15 Jan 2018 4:58 AM GMT
चार साल की लड़की के साथ रेप और हत्या के लिए निचली अदालत से मिली मौत की सजा को बॉम्बे हाई कोर्ट ने आजीवन कारावास में बदला [निर्णय पढ़ें]
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बॉम्बे हाई कोर्ट ने चार साल की एक लड़की के साथ रेप के बाद उसकी हत्या के आरोप में दो लोगों को निचली अदालत द्वारा सुनाई गई मौत की सजा को बॉम्बे हाई कोर्ट ने बदल दिया है। कोर्ट ने कहा कि यह मामला विरलों में विरल नहीं है।

निचली अदालत द्वारा मौत की सजा पाने वाले ये दोनों हैं भागवत और राहुल जिन्होंने चार साल की एक लड़की को प्ले स्कूल से वापस आने के बाद उसको चॉकलेट देने का लालच देकर अगवा करने के बाद उसके साथ बलात्कार किया और फिर उसकी मुँह दबाकर हत्या कर दी थी।

न्यायमूर्ति एसएस शिंदे और न्यायमूर्ति एएम धावले की पीठ ने सुनवाई अदालत द्वारा एकत्र किए गए सबूतों और साक्ष्यों को सही माना।

पीठ ने इस तरह के मामलों में पहले दिए गए फैसलों के आधार पर यह पाया कि इस तरह की नृशंस हत्याओं में अभियुक्तों को मौत की सजा दी गई है।

इसके बाद पीठ ने कहा कि लेकिन कुछ ऐसी परिस्थितियाँ हैं जिसके कारण वे इन अभियुक्तों को मौत की सजा नहीं दे रहे हैं। ये कारण हैं :




  • अभियुक्त नंबर एक 18 साल 7 महीने का है जबकि अभियुक्त नंबर दो 19 साल 4 महीने का।

  • इनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा है और इस बारे में कोई सबूत कोर्ट के समक्ष नहीं आया है।

  • दोनों ने मिलकर इस लड़की का रेप किया और बाद में उसकी हत्या कर दी लेकिन व्यक्तिगत रूप से उसकी हत्या इनमें से किसने की यह पता नहीं है।


पीठ ने कहा कि उपरोक्त बातों को ध्यान में रखते हुए उनका मानना है कि यह विरलों में विरल मामला नहीं है। यद्यपि आरोपियों को हत्या का दोषी माना जा सकता है लेकिन यह कहना मुश्किल है कि वे वास्तव में लड़की की जान लेना चाहते थे कि नहीं।

अपराध की गंभीरता और नृशंसता को देखते हुए कोर्ट ने दोनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जो बिना किसी छूट के 30 साल से कम नहीं होगी।


 
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