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अगर पिता हो बलात्कारी तो पी़ड़िता का बयान बिना पूरक साक्ष्य के भी स्वीकार्य : दिल्ली हाई कोर्ट [आर्डर पढ़े]

LiveLaw News Network
20 Nov 2017 3:17 PM GMT
अगर पिता हो बलात्कारी तो पी़ड़िता का बयान बिना पूरक साक्ष्य के भी स्वीकार्य : दिल्ली हाई कोर्ट [आर्डर पढ़े]
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दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि पीड़िता का बयान उस स्थिति में स्वीकार हो सकता है अगर बलात्कारी पिता ही हो और ऐसी स्थिति में पूरक साक्ष्य की जरूरत नहीं है।

रेप मामले में सुनवाई के बाद हाई कोर्ट की जस्टिस प्रतिभा रानी की बेंच ने कहा कि बिना पूरक साक्ष्य के रेप पीड़िता के बयान स्वीकार हो सकते हैं।

हाई कोर्ट ने रेप मामले में निचली अदालत से दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी की अर्जी पर सुनवाई के बाद फैसला दिया। 17 साल की बेटी के साथ उसके पिता ने रेप किया था। निचली अदालत ने पिता को दोषी करार दिया था और इस फैसले को पिता ने यह कहते हुए चुनौती दी थी कि पीड़िता के बयान में विरोधाभास है।

हाई कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी और कहा कि बयान में विरोधाभास की दलील स्वीकार

नहीं की जा सकती। हाई कोर्ट ने कहा कि जो साक्ष्य है उसके मुताबिक पीड़िता के साथ बलात्कार हुआ और इस बात की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट से होती है। उसकी आंतरिक रिपोर्ट में बलात्कार की पुष्टि हुई है। बयान में मामूली अंतर पूरे बयान को अविश्वसनीय नहीं बना सकता है।


 
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