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9 साल से विचाराधीन, 179 सुनवाई, फिर भी ट्रायल में प्रगति नहीं ? सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से पूछा [आर्डर पढ़े]

LiveLaw News Network
14 Nov 2017 6:52 AM GMT
9 साल से विचाराधीन, 179 सुनवाई, फिर भी ट्रायल में प्रगति नहीं ? सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से पूछा [आर्डर पढ़े]
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पिछले 9 साल से जेल में बंद कुछ विचाराधीन कैदियों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जिला एवं सेशन कोर्ट से पूछा है कि आखिर केस में 179 सुनवाई होने के बाद भी केस में ठोस प्रगति क्यों नहीं हुई ? सुप्रीम कोर्ट ने इस बारे में रिपोर्ट भी तलब की है।

जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता ने इन आरोपों पर कि ट्रायल कोर्ट में 179 बार सुनवाई हुई, पर ट्रायल कोर्ट के जज को तुरंत इन केसों को देखने को कहा है।

दरअसल हाजी इजलास, अफजल और देवेंद्र आहूजा को मेरठ कालेज के तीन छात्रों सुधीर उज्जवल, सुनील ढाका और पुनीत गिरी की हत्या के आरोप में 27 मई 2008 को गिरफ्तार किया गया था। आरोप था कि इजलाल ने उनके सिर काट दिए, आंखें निकाल ली और माथे पर गोली मारी। उनके शव को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बलेनी इलाके में हिंडन नदी में फेंक दिया गया।

2013 में उस वक्त विवाद हुआ जब इजलाल को कोर्ट में पेश करने के बहाने दो पुलिसवाले उसकी पत्नी से मिलाने एक वकील के चेंबर में ले गए।

मई 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के वकील बालकिशन गिरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट के जजों व अन्य न्यायिक अफसरों के खिलाफ बेबुनियाद और अपमानजनक आरोप लगाने के मामले में अवमानना का दोषी बरकरार रखा। उसी वकील ने आरोप लगाया था कि हाजी इजलाल एक स्थानीय विधायक और पूर्व सांसद का करीबी है और उनके हाईकोर्ट के जजों व जजों के जानकार एक वकील से लिंक हैं।


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