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निर्भया गैंगरेप केस में दोषी की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 12 दिसंबर को सुनवाई

LiveLaw News Network
13 Nov 2017 12:52 PM GMT
निर्भया गैंगरेप केस में दोषी की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 12 दिसंबर को सुनवाई
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चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा की अगवाई में सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बेंच चर्चित निर्भया गैंगरेप और हत्या केस के दोषियों की पुनर्विचार याचिका पर  अब 12 दिसम्बर को सुनवाई करेगी।

सोमवार को बेंच ने दोषी विनय, अक्षय ठाकुर और पवन के वकील ए पी सिंह को कहा है कि वो भी तीन हफ़्ते के भीतर पुनर्विचार याचिका दाखिल करें। संवैधानिक पीठ के फ़ैसले के मुताबिक पुनर्विचार पर सुनवाई के लिए केवल आधे घंटे का वक्त ही दिया जाएगा।

दरअसल 5 मई को जस्टिस मिश्रा, जस्टिस आर बानूमति और जस्टिस अशोक भूषण की बेंच ने ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए मुकेश, अक्षय ठाकुर, विनय शर्मा और पवन की फांसी की सजा को बरकरार रखा था।

वकील एम एल शर्मा के माध्यम से दाखिल याचिका में कहा गया है कि इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट और अपील के दौरान उठे कई मुद्दों पर विचार नहीं किया। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को नृशंस, बर्बरतापूर्ण और पैशाचिक वारदात करार देते हुए मानव सभ्यता के लिए सदमे की सुनामी बताया था।

अपने 430 पेज के फैसले में बेंच ने दोषियों को पैशविक प्रवृति वाला करार देते हुए कहा था कि ये अपराध किसी दूसरी दुनिया की कहानी लगता है जहां मानवता का घोर अपमान किया गया।

गौरतलब है कि 16 दिसंबर 2012 की रात को पांच लोगों ने एक नाबालिग के साथ मिलकर बस में 23 साल की फिजियोथैरेपिस्ट के साथ बलात्कार किया और उसके साथ उसके दोस्त की लोहे की रॉड ये पिटाई की। फिर दोनों को बस से धक्का दे दिया गया। पीडिता का नाम निर्भया रखा गया और दो हफ्ते बाद उसने दम तोड दिया। इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया जहां एक ने तिहाड जेल में खुदकुशी कर ली। नाबालिग को 31 अगस्त 2013 को तीन साल के लिए सुधारगृह भेजा गया और दिसंबर 2015 में उसे रिहा कर दिया गया।

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