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फरीदाबाद के अस्पताल पर 12 करोड़ का जुर्माना, पर्यावरण नियमों के पालन की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने गठित की कमिटी [आर्डर पढ़े]

LiveLaw News Network
2 Nov 2017 5:05 AM GMT
फरीदाबाद के अस्पताल पर 12 करोड़ का जुर्माना, पर्यावरण नियमों के पालन की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने गठित की कमिटी [आर्डर पढ़े]
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सुप्रीम कोर्ट ने 8 सदस्यों की एक कमिटी का गठन किया है जो सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और हरिजन आवासीय स्कूल को मिली पर्यावरण अनुमति की जांच करेगा। इन संस्थानों पर एनजीटी ने अगस्त 2015 में 12 करोड़ का जुर्माना लगाया था जिसके खिलाफ याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की है।

सुप्रीम कोर्ट के जज न्यायमूर्ति एमबी लोकूर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने समिति का गठन किया है और कहा है कि इससे उद्देश्य की पूर्ति होगी। कमिटी बताएगी कि पर्यावरण अनुमति का पालन हुआ है या नहीं।

पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता ने जो आवेदन दिया है उसमें पहली नजर में कोई हानि नहीं दिखती है।

सुप्रीम कोर्ट की कमिटी में राज्य पर्यावरण सचिव, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव, वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक, सीपीसीबी के वरिष्ठ वैज्ञानिक, दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर, पर्यावरण आकलन समिति के चेयरमैन, फरीदाबाद नगर निगम के मुख्य अभियंता और हूडा के मुख्या अभियंता शामिल हैं।

इस समिति को निम्नलिखित बातों की जांच करनी है ­-




  1. प्रदूषण रोकने वाला उपकरण लगाया गया या नहीं।

  2. खतरनाक, ठोस और बायोमेडिकल कचरे का ये संस्थान प्रबंधन कर सकते हैं या नहीं। संस्थान परिसर में वायु और जल प्रदूषण पर ये नियंत्रण कर सकते हैं या नहीं।

  3. इनमें सीईएसी और एसईआईएए की शर्तों का पालन होता है या नहीं।

  4. परिसर में सेंट्रल ग्राउंड वाटर की आपूर्ति है कि नहीं।

  5. उत्सर्जन को विनियमित किया जा रहा है या नहीं।

  6. सीवेज, कचरे के उत्सर्जन में तय मानक और पर्यावरण संरक्षण के खयाल से नियमों का पालन होता है या नहीं।


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