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करीम मोरानी को सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दी अग्रिम जमानत, रेप केस में आज ही करना होगा सरेंडर

LiveLaw News Network
22 Sep 2017 11:40 AM GMT
करीम मोरानी को सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दी अग्रिम जमानत,  रेप केस में आज ही करना होगा सरेंडर
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बॉलीवुड के मशहूर फिल्म प्रोड्यूसर करीम मोरानी को शुक्रवार को ही हैदराबाद में सरेंडर करना होगा।2014 के रेप केस में सुप्रीम कोर्ट ने मोरानी की अग्रिम जमानत अर्जी  खारिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने  सरेंडर का वक्त बढाने से भी इंकार कर दिया है।

शुक्रवार को हुई सुनवाई में मोरानी की ओर से पेश मुकुल रोहतगी ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा  की बेंच के सामने कहा कि शिकायतकर्ता दिल्ली की है और उसने हैदराबाद में जाकर ये मामला दर्ज कराया। पहले उन्हें निचली अदालत ने ही दो साल तक अग्रिम जमानत दी थी।

वहीं शिकायतकर्ता की ओर से पेश करूणा नंदी ने कहा कि मोरानी ने कोर्ट में झूठ बोला था कि उन पर कोई और केस नहीं है। इस पर रोहतगी ने कहा कि वो एक व्यवसायिक केस है और इसमें सुप्रीम कोर्ट ने ही उन्हें जमानत मिली थी।

दरअसल 5 सितंबर 2017 को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट  ने अग्रिम जमानत की याचिका रद्द कर दी थी और 22 सितंबर को सरेंडर करने के आदेश दिए थे। वहीं निचली अदालत ने भी पहले उन्हें अग्रिम जमानत दी थी लेकिन 14 मार्च 2017 को इसे रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा था कि अर्जी के वक्त मोरानी ने ये तथ्य कोर्ट को नहीं बताया कि वो 2 जी घोटाले में भी आरोपी हैं और 11 महीने जेल में रह चुके हैं।

गौरतलब है 2014 में बॉलिवुड के मशहूर प्रोड्यूसर करीम मोरानी के खिलाफ हैदराबाद में रेप का मामला दर्ज हुआ था। दिल्ली की रहने वाली 22 साल की एक महिला ने यह केस दर्ज करवाया था। महिला का आरोप है कि पिछले दो साल में कई बार मोरानी ने उसका रेप किया। पीड़ित महिला ने अपनी शिकायत में  कहा है कि दिसंबर 2014 में अपनी एक दोस्त की शादी में उसकी मोरानी से मुलाकात हुई थी। महिला का आरोप है कि इस घटना के बाद लगातार कई बार मोरानी ने ब्लैकमेल करने की धमकी देकर उसका शारीरिक शोषण किया। जून 2016 में उसने उसे हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में एक फिल्म शूट के लिए बुलाया। वहां जिस होटल में वह रुकी थी वहां फिर से मोरानी ने उसका शोषण किया और इस तरह यह शारीरिक शोषण दिसंबर 2016 तक जारी रहा।

इस केस में आईपीसी की विभिन्न धाराओं 376 (रेप), 342 (गलत तरीके से कैद करना), 506 (आपराधिक धमकी), 493 (शादीशुदा होने के बाद भी दूसरी महिला से संबंध रखना), 417 (धोखाधड़ी) और 354सी के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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