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BCCI के नए संविधान को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पदाधिकारियों को चेताया सहयोग करें नहीं तो परिणाम भुगतें [आर्डर पढ़े]

LiveLaw News Network
21 Sep 2017 3:25 PM GMT
BCCI के नए संविधान को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पदाधिकारियों को चेताया सहयोग करें नहीं तो परिणाम भुगतें [आर्डर पढ़े]
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BCCI में सुधार को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने BCCI पदाधिकारियों को नए संविधान के ड्राफ्ट में सहयोग ना करने को गंभीरता से लिया है और सख्त चेतावनी दे दी है।

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगवाई में स्पेशल बेंच ने गुरुवार को कोर्ट ने BCCI के  कार्यकारी अध्यक्ष सीके खन्ना, सचिव अमिताभ चौधरी और कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी को कहा कि वो तीन हफ्ते में प्रशासनिक समिति यानी COA को BCCI के नए संविधान के लिए सुझाव दे। बेंच ने साफ चेतावनी दी कि अगर तीनों पदाधिकारियों ने इस मामले में पूर्व CAG विनोद राय की अगवाई वाली COA से सहयोग नहीं किया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने ये भी साफ कर दिया है कि ड्राफ्ट संविधान में जस्टिस आर एम लोढा पैनल की सारी सिफारिशों को शामिल किया जाएगा और इसके बाद इसे सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा जाएगा। कोर्ट की इस संविधान को अंतिम रूप देगा।

सुनवाई के दौरान COA की ओर से पेश वरिष्ठ वकील पराग त्रिपाठी ने शिकायत की कि तीनों पदाधिकारी सारे खेल को बदल रहे थे क्योंकि उन्होंने जो पक्ष रखा वो जस्टिस लोढा पैनल की सिफारिशों को लागू ना करने का उद्देश्य था।

दरअसल 16 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेश से गठित COA ने लोढा पैनल की सिफारिशों को लागू ना करने पर BCCI के बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष सीके खन्ना, सचिव अमिताभ चौधरी समेत पदाधिकारियों को हटाने की मांग की थी। अपनी पांचवी स्टेटस रिपोर्ट में COA ने कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी को भी हटाने की मांग की।

विनोद राय और डायना एडूल्जी के COA ने सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल कर चुनाव तक BCCI का कामकाज, प्रबंधन और प्रशासन उसे और CEO राहुल जौहरी की अगवाई में प्रोफेशनल ग्रुप को सौंपने की मांग की। 26 पेज की इस रिपोर्ट में (174 पेज संलग्न) लोढा पैनल की सिफारिशों को लागू ना करने पर पूर्व BCCI अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के की तरह खन्ना, अमिताभ और अनिरूद्ध को भी हटाने की मांग की गई थी।

 

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