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राजीव गांधी की हत्या की साजिश पर सीबीआई की रिपोर्ट को पढा सुप्रीम कोर्ट ने, 19 सितंबर सुनवाई

LiveLaw News Network
15 Sep 2017 2:43 PM GMT
राजीव गांधी की हत्या की साजिश पर सीबीआई की रिपोर्ट को पढा सुप्रीम कोर्ट ने, 19 सितंबर सुनवाई
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राजीव गांधी की हत्या के लिए मानव बम बनाने की साजिश और उसकी आगे जांच को लेकर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की सीलबंद रिपोर्ट को पढा।

इसके बाद जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस नवीन सिन्हा ने रिपोर्ट पर आपस में बातचीत की और तय किया कि इस मामले की सुनवाई 19 सितंबर को की जाएगी।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जैन  कमीशन के निर्देश के मुताबिक राजीव गांधी की हत्या की आगे जांच होनी ही चाहिए इसको लेकर सीबीआई की सील बंद रिपोर्ट को अदालत में पेश की गई थी।

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से पूछा था कि राजीव गांधी की हत्या के लिए मानव बम बनाने की साजिश का केस क्या फिर से खोला गया? मानव बम बनाने की साजिश के केस का क्या नतीजा निकला? सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से मामले की आगे की जांच के लिए चार हफ्ते में सील कवर में स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी।

दरअसल 17 अगस्त 2017 को राजीव गांधी हत्याकांड में सजायाफ्ता एजी पेरारीवलन की जैन कमीशन के आधार पर आगे की जांच की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस रंजन गोगोई की बेंच ने सीबीआई से सवाल किए थे। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था कि राजीव गांधी की हत्या के लिए मानव बम बनाने की साजिश का केस क्या फिर से खोला गया? मानव बम बनाने की साजिश के केस का क्या नतीजा निकला? सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से इन सवालों के जवाब देने को कहा था। सीबीआई ने इस संबंध में सील कवर में जांच की स्टेटस रिपोर्ट भी कोर्ट में दाखिल की थी।
दरअसल सुप्रीम कोर्ट राजीव गांधी हत्याकांड में सजायाफ्ता पेरारीवलन की याचिका पर सुनवाई कर रहा है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से कहा था कि जैन कमीशन के निर्देश के मुताबिक राजीव गांधी की हत्या की आगे जांच होनी ही चाहिए।  सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से मामले की आगे की जांच के लिए चार हफ्ते में सील कवर में स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था कि सीबीआई बताए कि इस मामले की आगे की जांच कब तक पूरी हो सकती है?  साथ ही यह भी बताए कि इस केस में फरार आरोपियों के प्रत्यर्पण समेत क्या-क्या कानूनी अड़चनें आ रही हैं? इसके अलावा कोर्ट ने पूछा था कि सीबीआई ने इन अड़चनों के लिए क्या कदम उठाए हैं?

सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से बताया गया था कि इस मामले की जांच चल रही है। लेकिन यह नहीं बताया जा सकता कि केस की जांच में कितना वक्त लगेगा। इस मामले में फरार आरोपियों के प्रत्यर्पण में भी वक्त लग रहा है। जब तक इन आरोपियों को वापस नहीं लाया जाएगा जांच पूरी नहीं हो सकती।


दरअसल राजीव गांधी हत्याकांड में दो मामले दर्ज किए गए थे। एक केस में मुरगन, नलिनी, पेरारीवलन समेत सात लोगों को सजा हो चुकी है. वे उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। दूसरे केस में लिट्टे चीफ प्रभाकरण, अकीला और पुट्टूअम्मन समेत 11 लोगों को साजिश का आरोपी बनाया गया था। हालांकि इनमें से सभी की मौत हो चुकी है। दरअसल राजीव गांधी हत्याकांड के दोषी एजी पेरारीवलन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर हत्याकांड की आगे जांच के आदेश देने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि जैन कमीशन की सिफारिश के आधार पर मामले की आगे जांच के लिए सीबीआई की देखरेख में मल्टी डिस्पलेनेरी मॉनिटरिंग अथॉरिटी बनाई गई थी, लेकिन 18 साल बीत जाने पर भी जांच आगे नहीं बढ़ी।
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