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जेपी फ्लैट देने में देरी करने पर फ्लैट खरीदारों को पांच- पांच लाख रुपये दे : सुप्रीम कोर्ट

LiveLaw News Network
13 Sep 2017 11:29 AM GMT
जेपी फ्लैट देने में देरी करने पर फ्लैट खरीदारों को पांच- पांच लाख रुपये दे : सुप्रीम कोर्ट
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सुप्रीम कोर्ट ने बिल्डर कंपनी जेपी को नोएडा के कैलेप्सो प्रोजेक्ट में फ्लैट देने में देरी करने पर दस फ्लैट खरीदारों को पांच- पांच लाख रुपये बतौर मुआवजा देने के लिए कहा है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल फ्लैट मालिकों के फ्लैट बेचने पर भी रोक लगा दी है।

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस अमिताव रॉय और जस्टिस ए एम खानवेलकर की बेंच ने बुधवार को कहा कि ये कदम जेनुअन खरीदारों को फायदा देगा।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट जेपी की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें NCDRC के आदेश को चुनौती दी गई है। दरअसल NCDRC ने फ्लैट का कब्जा देने में देरी करने पर जेपी को सभी दस खरीदारों को 12 फीसदी ब्याज सालाना देने के आदेश दिए थे।

बुधवार को सुनवाई के दौरान जेपी की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि ये आदेश सही नहीं है। कंपनी पहले ही इन लोगों को रुपये चुकी है। करार के मुताबिक खरीदार को देरी होने पर दस रुपये प्रति फीट का मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा खरीदारों ने कुछ रुपया अभी तक बिल्डर को नहीं दिया है।

लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में वो बाद में सुनवाई करेगा लेकिन जेपी सभी दस खरीदारों को पांच-पांच लाख रुपये बतौर अंतरिम राहत के तौर पर मुआवजा दे। वहीं कोर्ट ने कहा कि फिलहाल कोई भी खरीदार फ्लैट नहीं बेचेगा और इससे जेनुअन खरीदारों का ही फायदा होगा।

दरअसल नोएडा के इस प्रोजेक्ट के दस खरीदार  NCDRC पहुंचे थे। उनका कहना था कि जेपी ने उन्हें 2011में फ्लैट देने का वादा किया था लेकिन ये फ्लैट नहीं दिए गए। 2016 में बिल्डर ने उन्हें फ्लैट दिए। लिहाजा उन्हें इसकी एवज में मुआवजा दिलाया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो अपील पर सुनवाई करता रहेगा।

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