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पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने 31 हफ्ते के गर्भ का गर्भपात कराने के आदेश दिए, 13 साल की रेप की शिकार बच्ची पर फैसला

LiveLaw News Network
6 Sep 2017 11:24 AM GMT
पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने 31 हफ्ते के गर्भ का गर्भपात कराने के आदेश दिए, 13 साल की रेप की शिकार बच्ची पर फैसला
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सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई में 13 साल की रेप पीडित बच्ची के 31 हफ्ते के गर्भ के गर्भपात की इजाजत दे दी है।  सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के जेजे अस्पताल में 8 सितंबर को को गर्भपात करने के आदेश दिए हैं। ये पहला मामला है जिसमें 31 हफ्ते के गर्भ का गर्भपात कराने की इजाजत दी गई है।

बुधवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में  चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस अमिताव रॉय और जस्टिस ए एम खानवेलकर की बेंच ने कहा कि जो मानसिक पीडा और यातना बच्ची ने भुगती है , उससे कोर्ट को यही लगता है कि गर्भपात होना चाहिए। कोर्ट में दाखिल जे जे अस्पताल के पैनल की रिपोर्ट में कहा गया है कि बच्ची का गर्भपात किया जा सकता है। रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि अगर बच्चे की डिलीवरी होती है या गर्भपात होता है तो जोखिम एक समान है। हालांकि इस दौरान केंद्र की ओर से SG रंजीत कुमार ने कहा कि पैनल की रिपोर्ट में कई विसंगतियां हैं। कोर्ट ने चंडीगढ मामले में 30 हफ्ते के गर्भ के मामले में गर्भपात से इंकार किया था। ये गर्भ 32 हफ्ते का हो चुका है जबकि इसकी कुल अवधि करीब 37 हफ्ते होती है।

मुबई में 13 साल की रेप पीडित के गर्भपात के मामले में महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम में बताया था कि तक मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट नही आ पाई है। इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि मुम्बई में बरसात के चलते बच्ची का मेडिकल परीक्षण तय दिन में नही हो पाया था।  इसके बाद एक सितम्बर को पीड़ित का मेडिकल परीक्षण हुआ था।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई स्थित सर जेजे ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल के मेडिकल बोर्ड को गर्भपात के लिए परीक्षण कर पांच सितंबर को रिपोर्ट देने को कहा था। 30 अगस्त  को जस्टिस एस ए बोबडे और एल नागेश्वर राय की बेंच ने कहा था कि ये परीक्षण दो सितंबर को किया जाएगा बच्ची की मां की ओर से 30 हफ्ते के गर्भ का गर्भपात कराने की अर्जी दाखिल की है।

वहीं सुप्रीम कोर्ट में इसी बेंच एक अन्य मामले में पूणे के अस्पताल के मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर 20 साल की महिला को गर्भपात की इजाजत दे दी थी उसे करीब 25 हफ्ते का गर्भ है और बच्चे की खोपडी नहीं है।
दरअसल 28 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने 13 वर्षीय रेप पीड़ित गर्भवती लड़की के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए सोमवार को एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया था। यह नाबालिग लड़की 30 सप्ताह की गर्भवती थी जो अब 31 वें सप्ताह में पहुंच चुका है।

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