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60 लाख के पुराने नोटों पर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और RBI को जवाब के लिए चार हफ्ते का वक्त दिया

LiveLaw News Network
4 Sep 2017 2:24 PM GMT
60 लाख के पुराने नोटों पर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और RBI को जवाब के लिए चार हफ्ते का वक्त दिया
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नोटबंदी को लेकर दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने RBI और वित्त मंत्रालय को नोटिस जारी कर पूछा है क्या पुराने नोट 1000 और 500 के नोटों को जमा कराने के लिए सरकार कोई खिड़की खोल सकती है। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस आरके अग्रवाल और जस्टिस अभय मनोहर सपरे की बेंच ने 4 हफ्ते में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और वित्त मंत्रालय से जवाब मांगा है।

दरअसल आरुषि जैन और अपूर्व जैन ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर कहा है कि उनके दिवंगत माता पिता के लॉकर से 60 लाख रुपये मिले है जिन्हें वो बदलवाना चाहते है। याचिका में कहा गया है कि उनके माता पिता की 9 साल पहले एक कार हादसे में मौत हो गई थी।  उस समय वो नाबालिग़ थे। जब वो बालिग हुए तो दिल्ली के साकेत कोर्ट के आदेश पर इसी साल 17 मार्च 2017 को उन्होंने लॉकर खोला लेकिन तब तक पुराने नोट जमा कराने की सीमा बीत चुकी थी। ऐसे में उन्हें पुराने नोट को बदलवाने की इजाजत दी जाए।
दोनों की ओर से पेश वकील अजय जैन ने कोर्ट में कहा कि केंद्र के 30 दिसंबर के नोटिफिकेशन को रद्द किया जाना चाहिए।
इससे पहले ऐसे ही एक मामले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि वो 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को जमा करने के लिए फिर से खिड़की खोलने के पक्ष में नहीं है। सरकार ने कहा है कि ऐसा करने से नोटबंदी के फैसले का उद्देश्य ही परास्त हो जाएगा।

गौरतलब है सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में सरकार ने कहा था कि कालेधन पर लगाम लगाने के लिए 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने का निर्णय लिया गया था। नोटबंदी के बाद लोगों को पुराने नोटों को बदलने का पर्याप्त समय दिया गया लिहाजा ऐसे में और लोगों को और मौका नहीं दिया जा सकता। सरकार का मानना है कि अगर जमा करने के लिए एक बार खिड़की खोली गई तो बेनामी लेनदेन और नोट जमा करने केलिए दूसरे व्यक्ति के इस्तेमाल करने के मामलों और इजाफा हो जाएगा। सरकार केलिए यह पता लगाने में परेशानी होगी कि कौन सही है और कौन गलत।

वही अप्रैल में हुए मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा था अगर कोई व्यक्ति यह साबित करता हो कि उसके पास वैध तरीके से कमाई गई रकम है तो उस व्यक्ति को नोट जमा करने से कैसे महरूम रखा जा सकता है ?
इससे पहले नोटबंदी से जुडा अजीबबोगरीब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था जिसमें  IPL स्पाट फिक्सिंग केस में क्रिकेटर श्रीसांत के दोस्त और निचली अदालत से आरोपमुक्त किए गए अभिषेक शुक्ला ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका में कहा गया है कि जब मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था तो उनके पास मौजूद 5.50 लाख रुपये जब्त किए गए थे और इन्हें पुलिस के मालखाने में रखा गया था। अब पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें केस में आरोपमुक्त कर दिया है तो उन्होंने पुलिस से अपने रुपये मांगे। फरवरी में पुलिस ने उन्हें सारे रुपये मालखाने से दे दिए लेकिन ये सब पुराने नोट थे। इस मामले में वो पुराने नोट लेकर RBI गए और सारा मामला बताया लेकिन RBI ने पुराने नोट बदलने से इंकार कर दिया।
मामले की सुनवाई के दौरान तत्कालीन चीफ जस्टिस खेहर ने अभिषेक शुक्ला के वकील से कहा कि वो इस मामले में पुलिस की सीजर मेमो लेकर कोर्ट आएं और ये भी बताएं कि ये जब्त नोट कितने कितने के थे?

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