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रोडरेज केस में गया कोर्ट ने रॉकी यादव समेत चारों को दोषी करार दिया, सजा 6 सितंबर को

LiveLaw News Network
31 Aug 2017 10:56 AM GMT
रोडरेज केस में गया कोर्ट ने रॉकी यादव समेत चारों को दोषी करार दिया, सजा 6 सितंबर को
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बिहार में गया के चर्चित रोडरेज केस में आरोपी रॉकी यादव समेत चारों आरोपियों को दोषी करार दे दिया गया है। एडिशनल जिला और सत्र न्यायाधीश सच्चिदानंद प्रसाद सिंह ने गुरुवार को इस पर फैसला सुनाया। रॉकी के अलावा उसके चचेरे भाई तेनी यादव, पापा बिंदी यादव और एमएलसी के बॉडीगार्ड राजेश कुमार को दोषी करार दिया गया है। कोर्ट सजा पर सुनवाई और फैसला 6 सितंबर को सुनाएगा।

इस मामले में जेडीयू की निलंबित MLC मनोरमा देवी का बेटा रॉकी यादव मुख्य आरोपी बनाया गया था। रॉकी पर आरोप लगाया गया कि उसने 12वीं के छात्र आदित्य सचदेवा की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी, क्योंकि उसने रॉकी की कार को ओवरटेक किया था।

यह मामला पिछले साल मई का है। 7 मई 2016 को ओवरटेकिंग को लेकर हुए विवाद में 12वीं के छात्र आदित्य सचदेवा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस वक्त सचदेवा अपने दोस्तों के साथ स्विफ्ट कार से घर लौट रहा था। इस मामले में रॉकी के पिता बिंदी यादव और उसके बॉडीगार्ड की भी गिरफ्तारी हुई थी।

आदित्य सचदेवा के साथ गाड़ी में सवार दोस्त आयुष ने कहा था कि उन्होंने रॉकी की कार ओवरटेक करने की कोशिश की थी। लेकिन दूसरी तरफ से हवाई फायरिंग की जाने लगी। उनमें से एक ने कमांडो ड्रेस पहन रखी थी। उन्होंने उन लोगों को मारा और गोलियां चलाईं, जिसमें  आदित्य की मौत हो गई।
वारदात को अंजाम देने के बाद रॉकी यादव फरार हो गया था। पुलिस की लगातार दबिश के दबाव में रॉकी यादव ने स्थानीय कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, लेकिन पटना हाई कोर्ट में उसे जमानत मिल गई थी। हाई कोर्ट के फैसले को बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। 6 मार्च 2017 को को रॉकी यादव की जमानत के हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को कहा था कि वो 6 महीने में ट्रायल पूरा करे। हालांकि 28 अक्टूबर 2016 को बिहार सरकार की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए राकी यादव की जमानत के आदेश पर रोक लगा दी थी और राकी को सेरेंडर करने के आदेश दिए थे।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार ने रॉकी की जमानत रद्द करने की मांग की थी। पटना हाईकोर्ट ने रॉकी यादव को 19 अक्तूबर 2016 को जमानत दे दी थी.  21 अक्तूबर को रॉकी को जेल से रिहा कर दिया गया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर रोक लगा दी थी और रॉकी यादव को जेल भेजने का आदेश दिया था। पुलिस ने चार्जशीट में रॉकी यादव के अलावा उसके चचेरे भाई तेनी यादव, पापा बिंदी यादव और एमएलसी के बॉडीगार्ड राजेश कुमार को आरोपी बनाया था।

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