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सोमवार को चीफ जस्टिस का पद संभालेंगे जस्टिस मिश्रा, सिमी समेत 72 मामलों की करेंगे सुनवाई

LiveLaw News Network
27 Aug 2017 6:57 AM GMT
सोमवार को चीफ जस्टिस का पद संभालेंगे जस्टिस मिश्रा, सिमी समेत 72 मामलों की करेंगे सुनवाई
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सोमवार को देश से 45 वें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया का पद संभालने के बाद जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए एम खानवेलकर और जस्टिस डी वाई चंद्रचूड के साथ बेंच साझा करेंगे। साथ ही वो स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया यानी SIMI पर बैन समेत 72 मामलों की सुनवाई करेंगे। सुप्रीम कोर्ट की कॉजलिस्ट में ये अपलोड किया गया है।

जस्टिस मिश्रा की बेंच ने ही मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन और निर्भया गैंगरेप के दोषियों को मौत की सजा सुनवाई थी।

चीफ जस्टिस के तौर पर जस्टिस मिश्रा 13 महीने यानी दो अक्टूबर 2018 तक कार्य करेंगे।  जस्टिस मिश्रा ने ही सिनेमाघरों में फिल्म से पहले राष्ट्रगान का आदेश दिया था और कहा था कि सभी राष्ट्रगान के सम्मान में खडे होंगे। जस्टिस मिश्रा ने ही एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान वक्त वक्त पर पोर्नोग्राफी वेबसाइट को ब्लाक करने के आदेश भी जारी किए हैं।

अपने नए कार्यकाल में जस्टिस मिश्रा को जजों की नियुक्ति के अलावा अयोध्या, कावेरी और केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश जैसे मुद्दों पर भी सुनवाई करनी है। साथ ही उन्हें जस्टिस खेहर से मिले अब मेमोरंडम ऑफ प्रॉसीजर ऑफ अपाइंटमेंट ऑफ जजेज यानी MOP को भी देखना है। सबसे मुश्किल मुद्दा ये है कि कॉलेजियम ने केंद्र के उस सिक्योरिटी क्लॉज को नकार दिया है जो उच्च न्यायिक नियुक्तियों में केंद्र को वीटो पावर देता है।

जस्टिस मिश्रा उन तीन जजों में शामिल थे जिन्होंने फांसी से पहले जुलाई 2015 की रात को एेहतिहासिक सुनवाई की थी। याकूब मुंबई में 1993 बम धमाकों में शामिल था जिसमें 257 लोगों की मौत हो गई थी। जस्टिस मिश्रा ने ही सुबह पांच बजे फैसला सुनाते हुए कहा था कि डेथ वारंट पर रोक लगाना कानून का मखौल उडाना होगा। इसलिए याचिका खारिज की जाती है। इसके दो घंटे बाद याकूब को फांसी दे दी गई।

जस्टिस दीपक मिश्रा पहले दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस थे और 2011 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया। जस्टिस मिश्रा के साथी उन्हें नागरिकों के समर्थक बताते हैं। जस्टिस मिश्रा ने ही ये आदेश जारी किए थे कि पुलिस 24 घंटे के भीतर FIR को वेबसाइट पर अपलोड करेगी ताकि आरोपी या पीडित उसकी प्रति के लिए इधर उधर ना दौडें।

23 दिसंबर 2009 को जस्टिस मिश्रा ने पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस का पद संभाला था और 24 मई 2010 को वो दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बनाए गए। दस अक्टूबर 2011 को वो सुप्रीम कोर्ट के जज बनाए गए।

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