पिता की मृत्यु के बाद हुआ तलाक तो बेटी को नहीं मिलेगी पारिवारिक पेंशन: त्रिपुरा हाईकोर्ट
Amir Ahmad
7 April 2026 12:47 PM IST

त्रिपुरा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि यदि किसी बेटी का तलाक उसके पेंशनभोगी पिता की मृत्यु के बाद होता है तो वह पारिवारिक पेंशन की हकदार नहीं होगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि पेंशन पाने की पात्रता पिता की मृत्यु के समय ही तय होती है बाद में प्राप्त स्थिति के आधार पर नहीं।
जस्टिस एस. दत्ता पुरकायस्थ ने कहा,
“नियमों के अनुसार तलाकशुदा बेटी को पारिवारिक पेंशन का अधिकार है, लेकिन यह शर्त जरूरी है कि पिता की मृत्यु के समय वह तलाकशुदा हो। पेंशन का अधिकार उसी समय उत्पन्न होता है।”
मामले में याचिकाकर्ता के पिता अगरतला नगर निगम में कार्यरत थे और 2004 में रिटायर होने के बाद वर्ष 2018 में उनका निधन हो गया। उस समय याचिकाकर्ता विवाहित थी। हालांकि वह अपने पति से अलग रह रही थी। उसे वर्ष 2021 में तलाक का डिक्री प्राप्त हुआ, जिसके बाद उसने पारिवारिक पेंशन के लिए आवेदन किया, जिसे खारिज कर दिया गया।
याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि विवाह के कुछ समय बाद ही उसका पति लापता हो गया और वह पिछले कई वर्षों से अपने पिता के साथ ही रह रही थी। इसलिए उसे पेंशन का लाभ मिलना चाहिए।
हाईकोर्ट ने त्रिपुरा राज्य सिविल सेवा (संशोधित पेंशन) नियम, 2017 के नियम 8 का हवाला देते हुए कहा कि पारिवारिक पेंशन का अधिकार पेंशनभोगी की मृत्यु के समय ही तय हो जाता है और उसी समय की वैवाहिक स्थिति महत्वपूर्ण होती है।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पात्रता का निर्धारण केवल आर्थिक निर्भरता के आधार पर नहीं, बल्कि वैवाहिक स्थिति के आधार पर होता है। चूंकि पिता की मृत्यु के समय याचिकाकर्ता “विवाहित लेकिन अलग रह रही” थी, न कि तलाकशुदा, इसलिए वह नियमों के दायरे में नहीं आती।
अंततः हाईकोर्ट ने कहा कि वह कानून में बदलाव नहीं कर सकता और याचिका खारिज की।

