अनुसूचित जनजाति सूची में प्रविष्टि को यथावत पढ़ा जाना चाहिए, संविधान-पूर्व साक्ष्य को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट19 July 2025 10:56 PM IST