मौखिक मृत्यु-पूर्व बयान दोषसिद्धि का आधार बन सकता है, बशर्ते कि अभिसाक्षी स्वस्थ दिमाग का और सत्यनिष्ठ हो, हालांकि पुष्टि के लिए प्रयास करना विवेकपूर्ण होगा: गुजरात हाईकोर्ट8 Jun 2024 12:50 PM IST
यदि आत्मविश्वास को प्रेरित करती हो तो केवल मृत्यु पूर्व घोषणा दोषसिद्धि का आधार हो सकती है: सुप्रीम कोर्ट7 March 2024 12:00 PM IST