EWS आरक्षण के लिए 8 लाख रुपये की आय सीमा प्रथमदृष्टया उचित: सुप्रीम कोर्ट

Amir Ahmad

29 July 2026 12:37 PM IST

  • EWS आरक्षण के लिए 8 लाख रुपये की आय सीमा प्रथमदृष्टया उचित: सुप्रीम कोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) आरक्षण के लिए निर्धारित 8 लाख रुपये की वार्षिक आय सीमा को प्रथमदृष्टया उचित बताया है। हालांकि, अदालत ने इस मानदंड की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अंतिम फैसला फिलहाल सुरक्षित रखते हुए सुनवाई एक सप्ताह के लिए स्थगित की।

    जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की खंडपीठ 2021 में दायर उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की उस अधिसूचना को चुनौती दी गई, जिसके तहत मेडिकल पाठ्यक्रमों की अखिल भारतीय कोटा सीटों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत और EWS के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया।

    सुनवाई की शुरुआत में जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा ने कहा कि मामला 2021 के NEET एडमिशन सेशन से जुड़ा होने के कारण अब काफी हद तक निष्प्रभावी हो चुका है। इस पर याचिकाकर्ता की ओर से वकील तन्वी दुबे ने कहा कि 8 लाख रुपये की आय सीमा की वैधता से जुड़ा कानूनी प्रश्न अब भी सुनवाई योग्य है।

    उन्होंने अदालत को बताया कि EWS मानदंड की समीक्षा के लिए गठित पांडे समिति ने 8 लाख रुपये की आय सीमा बरकरार रखने की सिफारिश की थी, लेकिन यह भी सुझाव दिया कि जिन परिवारों के पास पांच एकड़ या उससे अधिक कृषि भूमि है, उन्हें आय की परवाह किए बिना EWS का लाभ नहीं मिलना चाहिए। केंद्र सरकार ने 31 दिसंबर 2021 को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने समिति की सिफारिशें स्वीकार कर ली हैं।

    इस दौरान जस्टिस आलोक आराधे ने मौखिक रूप से कहा,

    "8 लाख रुपये की आय सीमा प्रथमदृष्टया एक उचित मानदंड प्रतीत होती है।"

    संक्षिप्त सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि मामले में सीनियर एडवोकेट अरविंद दातार और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के.एम. नटराज उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए सुनवाई आगे बढ़ाई जाएगी।

    खंडपीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील को सभी संबंधित मामलों और उनमें उठाए गए मुद्दों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से भी सहायता मांगी और याचिकाओं की प्रतियां उन्हें उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

    गौरतलब है कि जनवरी 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने 2021-22 के मेडिकल एडमिशन सेशन के लिए अखिल भारतीय कोटा में EWS और अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण बरकरार रखा था। हालांकि तब अदालत ने स्पष्ट किया था कि 8 लाख रुपये की आय सीमा की वैधता पर अंतिम निर्णय इन लंबित याचिकाओं के निपटारे के बाद ही किया जाएगा।

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