सुप्रीम कोर्ट ने निलंबित की 17 साल से जेल में बंद नागा उग्रवादी की सजा, दिल्ली छोड़ने पर रोक

Amir Ahmad

7 Sept 2026 12:17 PM IST

  • सुप्रीम कोर्ट ने निलंबित की 17 साल से जेल में बंद नागा उग्रवादी की सजा, दिल्ली छोड़ने पर रोक

    सुप्रीम कोर्ट ने 2009 में मणिपुर में तीन सरकारी अधिकारियों के अपहरण और हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे नागा उग्रवादी होप्सन निंगशेन की सजा सोमवार को निलंबित की। अदालत ने 17 साल से अधिक समय से जेल में बंद निंगशेन को अपील लंबित रहने तक सशर्त जमानत दी।

    जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस पी.बी. वराले की पीठ ने आदेश दिया कि निंगशेन अपील का निपटारा होने तक दिल्ली की सीमा से बाहर नहीं जा सकेगा। अदालत ने लंबे समय से चल रही कैद को सजा निलंबित करने का आधार माना।

    निंगशेन नागालैंड के उग्रवादी संगठन नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड-इसाक मुइवा (NSCN-IM) का पूर्व स्वयंभू लेफ्टिनेंट कर्नल था। उसे मणिपुर के कसोम खुल्लेन के सब-डिविजनल ऑफिसर डॉ. थिंगनम किशन सिंह और उनके दो अधीनस्थ कर्मचारियों युमनाम टोकेन तथा अरिबम राजेन के अपहरण और हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया।

    मामले की संवेदनशीलता और 2010 में निंगशेन पर शारीरिक हमले की वास्तविक आशंका को देखते हुए सभी मामलों को मणिपुर से दिल्ली स्थानांतरित कर दिया गया। 2014 में विशेष CBI कोर्ट ने उसे दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। दिल्ली हाईकोर्ट ने 20 नवंबर 2019 को उसकी दोषसिद्धि और सजा बरकरार रखी।

    सजा के खिलाफ उसकी अपील सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। पिछली सुनवाई में पीठ ने CBI से इस संबंध में निर्देश लेने को कहा कि लंबे समय से जेल में रहने को देखते हुए क्या उसकी सजा निलंबित की जा सकती है। अदालत ने यह भी संकेत दिया था कि यदि सजा निलंबित की जाती है तो उसे दिल्ली से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

    सोमवार को मणिपुर सरकार ने मामले की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए सजा निलंबित करने की याचिका का विरोध किया। हालांकि, पीठ ने 17 साल से अधिक की कैद को देखते हुए सशर्त राहत देना उचित माना।

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरोपी 17 साल से अधिक समय से जेल में है और उसकी अपील अभी लंबित है। अदालत ने पर्याप्त सुरक्षा शर्तों के साथ सजा निलंबित करने का फैसला किया। इसके तहत निंगशेन अपील के निपटारे तक दिल्ली की सीमाओं के भीतर ही रहेगा और दिल्ली से बाहर नहीं जाएगा।

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