PMLA | अटैचमेंट की पुष्टि के खिलाफ अपील लंबित हो तो संपत्ति जब्ती का आदेश नहीं दे सकती स्पेशल कोर्ट: सुप्रीम कोर्ट

Amir Ahmad

7 Feb 2026 1:34 PM IST

  • PMLA | अटैचमेंट की पुष्टि के खिलाफ अपील लंबित हो तो संपत्ति जब्ती का आदेश नहीं दे सकती स्पेशल कोर्ट: सुप्रीम कोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 8 की व्याख्या करते हुए एक अहम फैसला दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि PMLA की धारा 8(3) के तहत अटैचमेंट की पुष्टि के खिलाफ अपील अपीलीय अधिकरण में लंबित है तो स्पेशल कोर्ट धारा 8(7) के तहत संपत्ति की जब्ती की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ा सकती।

    जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एन. कोटेश्वर सिंह की बेंच ने कहा कि जैसे ही धारा 8(3) के आदेश को धारा 26 के तहत चुनौती दी जाती है, धारा 8(7) की कार्यवाही पर एक निहित रोक लग जाती है।

    कोर्ट ने अपने फैसले में कहा,

    “जब किसी आदेश के खिलाफ कानून अपील का अधिकार देता है तो यह पीड़ित व्यक्ति का निहित अधिकार होता है कि वह उस अपील को अंत तक ले जाए। ऐसे में स्पेशल कोर्ट उन मुद्दों पर निर्णय नहीं कर सकती, जिन्हें उच्च मंच के समक्ष विचार के लिए सौंपा गया है।”

    बेंच ने यह भी स्पष्ट किया,

    “धारा 8(7) के तहत कार्यवाही पर तब तक रोक मानी जाएगी, जब तक धारा 8(3) के तहत अटैचमेंट की पुष्टि अंतिम रूप से तय नहीं हो जाती।”

    पूरा मामला

    इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपीलकर्ता की कुछ संपत्तियों को PMLA की धारा 5(1) के तहत अस्थायी रूप से अटैच किया। बाद में न्यायनिर्णायक प्राधिकरण ने धारा 8(3) के तहत अटैचमेंट की पुष्टि की।

    इस पुष्टि आदेश के खिलाफ अपीलकर्ता ने PMLA की धारा 26 के तहत अपीलीय अधिकरण में अपील दायर की जो अभी लंबित थी। इसी दौरान स्पेशल कोर्ट ने यह कहते हुए धारा 8(7) के तहत कार्यवाही शुरू कर दी कि ट्रायल पूरा नहीं हो पाया है। हाईकोर्ट ने भी स्पेशल कोर्ट की इस कार्यवाही को सही ठहराया जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

    सुप्रीम कोर्ट का रुख

    सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट और स्पेशल कोर्ट के आदेशों को खारिज करते हुए कहा,

    “स्पेशल कोर्ट को धारा 8(7) के तहत दायर आवेदन को टाल देना चाहिए था और अपीलीय अधिकरण द्वारा धारा 26 के तहत अपील के निपटारे का इंतजार करना चाहिए। इसके बजाय स्पेशल कोर्ट ने गुण (Merit) पर जाकर आदेश पारित कर दिया जिससे अपील ही निरर्थक हो गई। यह कानूनन पूरी तरह अस्वीकार्य है।”

    कोर्ट ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई कि स्पेशल कोर्ट ने आगे बढ़कर संपत्ति जब्त कर ली जबकि अटैचमेंट की वैधता अभी अपीलीय मंच पर विचाराधीन थी।

    फैसले का निष्कर्ष

    सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर पर कहा,

    1. धारा 8(7) तभी लागू हो सकती है जब धारा 8(3) के तहत अटैचमेंट की पुष्टि अंतिम रूप ले ले।

    2. अपील लंबित रहते हुए संपत्ति जब्ती की कार्यवाही नहीं की जा सकती।

    3. स्पेशल कोर्ट द्वारा ऐसा करना अपील के अधिकार को निष्फल करने जैसा है।

    अंत में कोर्ट ने कहा,

    “हम स्पेशल कोर्ट द्वारा धारा 8(7) के तहत पारित आदेश, जिसे हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखा था, उसको रद्द करते हैं।”

    इसके साथ ही अपील स्वीकार कर ली गई।

    Next Story